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हेल्थ सेक्टर में टेक्नोलॉजी का तेजी से विस्तार हो रहा है. आम लोगों की बात करें, तो स्मार्टवॉच इसका सबसे बड़ा उदाहरण है. Apple Watch हो या फिर Fitbit, कितने ही मौकों पर ये वॉच अपने हेल्थ संबंधी फीचर्स की वजह से यूजर्स की जान बचा सकी हैं. स्वस्थ कौन नहीं रहना चाहता है.
हम सभी सेहतमंद रहना चाहते हैं और अपने शरीर के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी चाहते हैं. यहां पर टेक कंपनियों को एक मौका दिख रहा है. मौका जहां वे कंज्यूमर्स को कुछ ऐसा दे सकते हैं, जो उन्हें बड़े मेडिकल टेस्ट और उसके तनाव से मुक्ति दिला सकता है.
हमने कई बार देखा है कि Apple Watch यूजर के शरीर में चल रही गड़बड़ी का अंदाजा लगाकर उसे नोटिफिकेशन दे देती है. जब भी कंज्यूमर डॉक्टर के पास जाता है, तो उसे नोटिफिकेशन की वजह पता चल जाती है. हालांकि, इन सब के बीच हमें ऐपल वॉच से वो डिटेल्स नहीं मिलती हैं, जो डॉक्टर देता है.
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इस कमी को पूरा करने पर एक स्टार्टअप काम कर रहा है. हम बात कर रहे हैं CardioSignal की. इस स्टार्टअप ने एक ऐप तैयार किया है, जो आपके फोन का इस्तेमाल करके हार्ट से जुड़ी दिक्कतों का पता लगा सकता है. कंपनी के CEO Juuso Blomster, जो पेशे से कार्डियोलॉजिस्ट रह चुके हैं, ने बताया कि इस स्टार्टअप की शुरुआत 2011 में हुई थी.
उस वक्त मार्केट में Fitbit जैसे प्रोडक्ट्स ने एंट्री की थी, जो तेजी से पॉपुलर हो रहे थे. उन्होंने बताया कि उस वक्त एक मरीज उनके पास आया था, जो जानना चाहता था कि क्या वो किसी तरीके से अपने हार्ट की हेल्थ स्पोर्ट वॉच से जांच सकता है. इसके बाद उन्होंने तमाम सेंसर्स पर काम करना शुरू किया.
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उन्होंने पाया कि फोन में मौजूद दो सेंसर की मदद से वे किसी के हार्ट की कंडीशन चेक कर सकते हैं. एक्सेलेरोमीटर और जायरोस्कोप की मदद से ऐसा किया जा सकता है. अब सवाल आता है कि उनका ऐप काम कैसे करता है.
CardioSignal एक ऐप है, जिसे आप अपने फोन पर इंस्टॉल कर सकते हैं. इसके बाद आपको अपना फोन सीने पर रखना होगा. ऊपर बताए गए दोनों सेंसर की मदद से ये ऐप आपके हार्ट की जांच करता है.
लगभग एक मिनट के बाद ऐप डेटा को क्लाउड सर्वर पर एनालिसिस के लिए भेजता है. जिसकी रिपोर्ट यूजर को कुछ देर बाद मिलती है. इस तरह के किसी यूजर को Atrial Fibrillation के बारे में जानकारी मिलती है. ये स्मार्टवॉच में मौजूद हार्ट मॉनिटर्निंग टेक्नोलॉजी जैसा नहीं ही है.
स्मार्टवॉच के डेटा का इस्तेमाल क्लिनिकली नहीं किया जा सकता है, लेकिन CardioSignal के साथ ऐसा नहीं है. इसे क्लिनिकल इस्तेमाल के लिए मंजूरी मिली हुई है. इसे CE क्लास IIa मेडिकल डिवाइस की कैटेगरी में रखा गया है. ये ऐप कई रीजन में उपलब्ध है. भारत में भी इसे इस्तेमाल किया जा सकता है.