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साल 2025 में हमें कई नई टेक्नोलॉजी देखने को मिल सकती हैं. वैसे तो ये टेक्नोलॉजी पूरी तरह से नई नहीं होंगी, लेकिन इनका इंटीग्रेशन नया होगा. जहां साल 2024 पूरी तरह से AI पर फोकस्ड रहा. वहीं 2025 में हमें ये सिलसिला आगे बढ़ते हुए दिखेगा. आपको ज्यादा रिफाइन AI वर्जन देखे को मिलेंगे.
AI और 5G का बेहतर रूप हमें इस साल देखने को मिलेगा. साथ ही VR/AR टेक्नोलॉजी पर बेस्ड नए प्रोडक्ट्स इंट्रोड्यूस होंगे. मेटा ने पिछले साल स्मार्ट ग्लास को लॉन्च किया था, जिसे इस साल दूसरी कंपनियां भी एडॉप्ट कर सकती हैं.
सैमसंग अपना स्मार्ट ग्लास इस साल की शुरुआत में अनवील कर सकता है. हालांकि, इसकी लॉन्चिंग में वक्त लगेगा. आइए ऐसे ही कुछ नए ट्रेंड्स और टेक्नोलॉजी के बारे में जानते हैं, जो हमें इस साल यानी 2025 में देखने को मिलेंगी.
साल 2025 में हमें इस कैटेगरी में क्रांतिकारी लॉन्च देखने को मिल सकते हैं. वैसे तो ये टेक्नोलॉजी काफी समय से मौजूद है, लेकिन अब तक इसकी पहुंच आम लोगों तक नहीं है. गूगल ने इस तरह के हेडसेट और स्मार्ट ग्लास के लिए खास ऑपरेटिंग सिस्टम Android XR लॉन्च कर दिया है. उम्मीद है कि हमें इस साल इससे जुड़े नए प्रोडक्ट्स देखने को मिलेंगे.
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रिपोर्ट्स की मानें तो इस साल की शुरुआत में सैमसंग अपने ग्लास ग्लास को इस ऑपरेटिंग सिस्टम के साथ पेश कर सकता है. इसकी मदद से यूजर्स वर्चुअल वर्ड को सिर्फ गेज, गेस्चर और वॉयस कमांड से एक्सेस कर पाएंगे. मेटा भी अपने Quest 3S की मदद से मिस्क रियैलिटी को और ज्यादा एक्सेसबल बना सकती है. कुल मिलाकर इस साल AR/VR का राइज नजर आएगा.
साल 2024 में AI का इंटीग्रेशन स्मार्टफोन्स में काफी ज्यादा देखने को मिला है. हालांकि, ये अपडेट प्रीमियम फोन्स तक ही सीमित रहा है. इस साल AI का इंटीग्रेशन और ज्यादा होगा. कंपनियां इस तरह के फीचर मिड रेंज स्मार्टफोन्स में भी दे सकती है. सिर्फ स्मार्टफोन ही नहीं बल्कि दूसरी कैटेगरीज में भी ये टेक्नोलॉजी देखने को मिलेगी.
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इस साल हमें AI का स्टार्टर वर्जन दिखेगा. साथ ही इसका इंटीग्रेशन दूसरी कैटेगरीज में भी होगा. Dreame India के मैनेजिंग डायरेक्टर मनु शर्मा ने बताया, 'स्मार्ट होम अप्लायंस का चलन दुनिया भर में बढ़ रहा है. ये क्लीनिंग इंडस्ट्रीज में काफी देखने को मिलता है, जहां रोबोटिक वैक्यूम क्लीनर का चलन काफी बढ़ा है. भारत में भी इसका प्रभाव देखने को मिलेगा. साल 2025 में हमें कई इनोवेशन देखने को मिलेंगे, जो होम क्लीनिंग के तौर-तरीकों को बदलेंगे.'
AI जैसे फीचर्स के जुड़ने का मतलब है कि ज्यादा पावरफुल प्रोसेसर और दमदार बैटरी. इसकी वजह से स्मार्टफोन्स की कीमतों में इजाफा होगा. ब्रांड्स ज्यादा क्षमता वाले प्रोसेसर इस्तेमाल करेंगे, जिनकी कीमत निश्चित तौर पर ज्यादा होगी. साथ ही पावर कंजम्पशन भी बढ़ेगा.
ऐसे में ब्रांड्स को स्मार्टफोन की बैटरी कैपेसिटी को बढ़ाना होगा और इसका भार आखिर में आम यूजर पर आएगा. इसके अलावा कंपनियों ने IP69 रेटिंग वाले डिवाइस बनाना शुरू कर दिए हैं. यानी आपको ज्यादा से ज्यादा फीचर्स मिलेंगे, लेकिन कीमत भी अधिक देनी होगी.
भारत में वैसे इसकी शुरुआत आम लोगों के लिए अभी नहीं हुई है, लेकिन इस साल लोगों को ये सुविधा दी जा सकती है. जियो, एयरटेल के साथ ही ग्लोबल प्लेयर स्टारलिंक भी इस कैटेगरी में एंट्री की तैयारी कर रहा है. Starlink दुनिय के कई रीजन में सैटेलाइट इंटरनेट प्रदान करता है. भारत में सर्विस लॉन्च करने के लिए कंपनी कई साल से कोशिश कर रही है. उम्मीद है कि साल 2025 में आम लोगों के लिए भारत में सैटेलाइट कनेक्टिविटी को जारी किया जा सकता है.
साल 2025 में क्रिप्टोकरेंसी में एक बार फिर उछाल देखने को मिल सकता है. अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप के सत्ता में आने की वजह से क्रिप्टोकरेंसी वापसी कर सकती है. इसकी एक बड़ी वजह एलॉन मस्क हैं, जिन्हें ट्रंप सरकार में खास पावर दी गई है. एलॉन मस्क का क्रिप्टोकरेंसी के प्रति झुकाव जग जाहिर है. उन्होंने 1 जनवरी को अपनी X प्रोफाइल फोटो और नाम तक को चेंज करके एक क्रिप्टोकरेंसी पर कर दिया था. माना जा रहा है कि ट्रंप के पद ग्रहण के बाद क्रिप्टोकरेंसी के बाजार में तेजी आएगी.