
सालों से सुपरइंटेलिजेंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस साइंस फ्रिक्शन, किताबों और मूवीज का हिस्सा रही है. आपने कई मूवी में देखा होगा कि रोबोट्स, एंड्रॉयड और सुपर कम्प्यूटर्स दुनिया पर कब्जा कर लेते हैं और फिर इंसानों से मशीनों की जंग शुरू होती है. कुछ सालों पहले तक ये सब फिल्मी कहानी ही लगता था, लेकिन अब AI के बढ़ते दायरे ने लोगों को डराना शुरू कर दिया.
बात चाहें AI के सुपर AI बनने की हो या फिर Singularity Point की. ये सभी कहानियां अब धीरे-धीरे सच होती जा रही हैं. ChatGPT जैसे AI बेस्ड चैटबॉट चर्चा में हैं, लेकिन इनके बीच एक नए टर्म की चर्चा हो रही है. हम बात कर रहे हैं Artificial General Intelligence यानी AGI की.
अब सवाल आता है कि AGI क्या है और इसकी चर्चा क्यों हो रही है. भले ही जनरेटिव AI और आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस एक जैसे टर्म हैं, लेकिन इन दोनों के मतलब काफी अलग हैं. जनरेटिव AI का मतलब एक ऐसे डीप लर्निंग मॉडल से है, जो हाई क्वॉलिटी टेक्स्ट, ईमेज और दूसरे कंटेंट क्रिएट कर सकता है.
ये कंटेंट उसकी ट्रेनिंग पर बेस्ड डेटा के आधार पर होते हैं. हालांकि, इन क्षमताओं के होने का ये मतलब नहीं है कि एक AI सामान्य तौर पर इंटेलिजेंस है. यहीं पर AGI यानी आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस की शुरुआत होती है.
AGI मशीन इंटेलिजेंस का एक बड़ा रूप है. OpenAI के मुताबिक AGI एक ऐसा हाई ऑटोनॉमस सिस्टम है, जो आर्थिक रूप से सबसे वैल्यूएबल काम को इंसानों से बेहतर ढंग से कर सकता है. आज के वक्त में AI इतना मजबूत नहीं हुआ है.
अमेरिकी बाजार में मार्च 2023 के डेटा के मुताबिक, सबसे कॉमन जॉब्स में- कैशियर, खाना बनाने वाले, स्टॉकिंग एसोसिएट, लेबर, चौकीदार, कंस्ट्रक्शन वर्कर, मुनीम, सर्वर, मेडिकल असिस्टेंट और बारटेंडर शामिल हैं. इन कामों को करने के लिए आपको ना सिर्फ इंटेलेक्चुअल कैपेसिटी चाहिए, बल्कि आपके पास आज के रोबोट्स से कहीं ज्यादा मैन्युअल स्किल्स चाहिए.
आसान भाषा में कहें, तो AGI आज के दौर में मौजूद आर्टिफिशिलय इंटेलिजेंस का ज्यादा पावरफुल वर्जन होगा. इसे AI के अगले लेवल के रूप में देखा जा रहा है. ये भी कह सकते हैं कि आप AI के जिन खतरों के बारे में आज सुन रहे हैं वो मौजूदा AI से नहीं बल्कि AGI से जुड़े हुए हैं.
AGI इंसानों के बराबर लर्निंग और समझ की क्षमता रखेगा. इसका मतलब है कि उसके बाद डेटा का एक बड़ा संग्रह होगा. कुछ लोगों का मानना है कि AGI बहुत करीब है और हमें इसके तेजी से हो रहे विकास पर रोक लगानी चाहिए.
Stephen Hawking ने बहुत पहले AGI को लेकर चेताया था. उन्होंने कहा था, 'वो खुद से उड़ान भर सकेगा और खुद को बहुत तेजी से विकसित होने के रेट पर रिडिजाइन करेगा. इंसान, जिनके विकास की रफ्तार बहुत धीमी है, वो उससे मुकाबला नहीं कर सकेंगे.' एलॉन मस्क भी AGI को लेकर वॉर्न कर चुके हैं.
वहीं साल 2017 में यूनिवर्सिटी ऑफ अल्बर्टा के कम्प्यूटर साइंस प्रोफेसर, Richard Sutton ने कहा था कि 25 परसेंट चांस है कि ये साल 2030 तक विकसित हो जाएगा. वहीं साल 2040 तक विकसित होने के चांस 50 परसेंट हैं और 10 परसेंट चांस है कि ये कभी विकसित ही नहीं होगा.