
विपक्ष के कई बड़े नेता मंगलवार की सुबह से फोन हैकिंग से जुड़े स्क्रीनशॉट शेयर कर रहे हैं. ऐपल की ओर से भेजे गए इन नोटिफिकेशन्स में यूजर्स को सरकार प्रायोजित हैकिंग को लेकर अलर्ट किया गया है. इस तरह के मैसेज विपक्ष के तमाम नेताओं ने शेयर किए हैं, जिसमें TMC सांसद महुआ मोइत्रा, शिव शेना (उद्धव ठाकरे) नेता प्रियंका चतुर्वेदी और कांग्रेस नेता पवन खेड़ा शामिल हैं.
हालांकि, इस मामले में सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि ऐसे एल्गोरिद्म मैलफंक्शन की वजह से हुआ है. सरकारी सूत्रों का कहना है कि जल्द ही कंपनी इस पर आधिकारिक बयान जारी कर सकती है.
आधिकारिक रूप से कंपनी ने अभी इस मामले में कुछ नहीं कहा है. जरूरी नहीं है ऐपल के ये नोटिफिकेशन किसी खास स्टेट स्पॉन्सर्ड हैकर की ओर इशारा करते हों. खैर एक सवाल कई लोगों के मन में होगा कि क्या ऐपल इस तरह के नोटिफिकेशन भेजता है.
क्या 'सरकारी प्रायोजित' किसी हैकिंग को लेकर ऐपल अलग से अलर्ट करता है? हां, ऐपल ने पिछले साल ही इस फीचर को अपने प्लेटफॉर्म पर जोड़ा है. ऐपल को हम प्राइवेसी के लिए जानते हैं. कंपनी अपने यूजर्स के डेटा को सिक्योर रखने के लिए कई तरह के कदम उठाती रही है. ऐसा ही एक कदम ये फीचर है, जिसकी वजह से लोगों को नोटिफिकेशन आ रहा है.
Contact Key Verification फीचर को कंपनी ने हाल में जोड़ा है. ये कंपनी का नया सिक्योरिटी फीचर है, जो iMessage और iCloud के लिए है. कंपनी ने इस फीचर को इंट्रोड्यूस करते हुए बताया था कि इस सिक्योरिटी लेयर को कुछ इस तरह से डिजाइन किया गाय है कि iMessage को किसी अटैक से बचाया जा सके.
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इसमें यूजर्स को ये वेरिफाई करने का भी ऑप्शन मिलता है, वे उसी से बात कर रहे हैं, जिससे चाहते हैं. आसान भाषा में कहें तो इसकी मदद से दूसरे यूजर के अकाउंट को भी वेरिफाई किया जा सकता है. ये फीचर एक मैकेनिज्म यूज करता है, जिसे Key Transparency कहते हैं.
अगर कोई यूजर इस फीचर को ऑन रखता है तो उसे किसी अनजान iMessage अकाउंट के जुड़ने पर ऑटोमेटिक अलर्ट मिलता है. यूजर्स मैन्युअली भी किसी कॉन्टैक्ट के वेरिफिकेशन कोड को कंपेयर कर सकते हैं. कुल मिलकार इस फीचर को यूजर्स की प्राइवेसी को सिक्योर रखने के लिए जोड़ा गया है.
जैसे ही कंपनी को किसी स्टेट-स्पॉन्सर्ड अटैक की जानकारी मिलती है, तो कंपनी दो तरह से यूजर्स को अलर्ट करती है. पहला थ्रेट नोटिफिकेशन iMessage के जरिए यूजर्स की ऐपल आईडी पर रजिस्टर्ड नंबर पर भेजा जाता है. साथ ही रजिस्टर ईमेल पर भी एक थ्रेट अलर्ट का मैसेज आएगा.
इसके अलावा appleid.apple.com पर भी यूजर्स को एक थ्रेट नोटिफिकेशन मिलेगा. हालांकि, इसके लिए यूजर्स को यहां साइन-इन करना होगा. इसके साथ ही कंपनी यूजर्स को एडिशनल स्टेप्स भी बताती है, जिससे अपने अकाउंट को सुरक्षित रखा जा सकता है.
कंपनी ने अपने पेज पर साफ किया है कि कुछ थ्रेट नोटिफिकेशन गलत भी हो सकते हैं. ऐपल के चेतावनी भरे अलर्ट नोटिफिकेशन किसी खास स्टेट स्पॉन्सर्ड हैकर की ओर इशारा नहीं करते. ऐपल ने साफ किया है कि वे ये नहीं बता पाएंगे किसी वजह से ये थ्रेट नोटिफिकेशन भेजा गया है. क्योंकि इसकी वजह से भविष्य में यूजर्स पर अटैक आसान हो सकता है.
किसी भी खतरे से खुद को बचाने के लिए यूजर्स को कुछ बातों का ध्यान रखना होगा. इसके लिए यूजर्स को लेटेस्ट सॉफ्टवेयर पर खुद को अपडेट रखना चाहिए. क्योंकि लेटेस्ट सॉफ्टवेयर में सभी जरूरी सिक्योरिटी फिक्स होते हैं. इसके अलावा डिवाइस को सुरक्षित रखने के लिए पासकोड का इस्तेमाल करना चाहिए.
यूजर्स को बेहतर सिक्योरिटी के लिए टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन यूज करना चाहिए. हमेशा ऐपल ऐप स्टोर से ही किसी ऐप को डाउनलोड करना चाहिए. बेहतर सिक्योरिटी के लिए यूनिक और मजबूत ऑनलाइन पासवर्ड का इस्तेमाल करें. किसी भी संदिग्ध लिंक या अटैचमेंट पर क्लिक ना करें.