किसान आंदोलन के आज उनहत्तरवां दिन है. हालात ये है कि किसानों से बात का रास्ता तो दूर दिल्ली जाने वाले रास्तों पर दीवारें खड़ी हो चुकी हैं. पुलिस ने दिल्ली के बॉर्डर को किले में बदल दिया है. रास्तों पर तार की बाड़ के साथ-साथ नुकीली कीलें बिछा दी हैं. जाहिर है 26 जनवरी की घटना के बाद पुलिस कोई कोताही बरतने के मूड में नहीं है. दिल्ली के बॉर्डर पर जो हो रहा है, वो भी कम चौंकाने वाला नहीं है. दिल्ली ने पहली बार अपनी सरहदों पर इस किस्म की घेराबंदी देखी है. पहली बार दिल्ली ने सड़कों पर नुकीली कीलें देखी हैं. जाहिर है आंदोलन की आंच जब से धीमी पड़ी है, तब से प्रशासन का शिकंजा आंदोलन पर कसता जा रहा है. किसानों ने चक्काजाम का एलान किया तो दिल्ली की किलेबंदी हो गई. बॉर्डर पर ऐसी सुरक्षा की गई कि परिंदा भी पर न मार सके, गाजीपुर में तो कई लेयर का घेरा है. कंटीले तार लगे हैं तो सड़क पर कीलें भी जड़ दी गईं. देखें दिल्ली बॉर्डर से ग्राउंड रिपोर्ट.