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कभी कोरोना नहीं हुआ, पर 'कोविड-पैर' से जूझ रही युवती, हुई ऐसी हालत

aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 31 जुलाई 2021,
  • अपडेटेड 10:43 AM IST
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स्कॉटलैंड में रहने वाली एक लड़की एक बेहद अजीबोगरीब समस्या से जूझ रही है. 13 साल की सोफिया की कोरोना रिपोर्ट कभी पॉजिटिव नहीं आई है. इसके बावजूद उनके पैरों में जो हालात हैं, उनके लिए कोविड को ही जिम्मेदार बताया जा रहा है.(प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)

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सोफिया पिछले साल अक्तूबर तक काफी एक्टिव रहा करती थीं और वे सिंगिंग-डांसिंग में समय बिताती थी लेकिन अक्तूबर के बाद से ही वे 'कोविड-पैरों' के चलते परेशान हो रही हैं. कोरोना इंफेक्शन के बाद पैरों में होने वाले पर्पल रंग के फोड़े-फुंसियों को 'कोविड पैर' के लक्षण कहा जा रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)

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सोफिया ने कहा कि मेरे पैर सूज जाते हैं और उनमें फुंसी-फोड़े हो जाते हैं और ये फुंसियां काफी तेजी से पिंक से पर्पल रंग में तब्दील हो जाती हैं. मेरे पैरों के निचले हिस्से में गांठ सी बनी है जिसके चलते काफी देर तक खड़े रहना मेरे लिए संभव नहीं हो पाता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)

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सोफिया ने कहा कि मैं फ्लिप-फ्लॉप के अलावा कोई और जूते-चप्पल पैरों में नहीं पहन पाती हूं. कोई भी दूसरी तरह के जूते पहनने पर मेरे पैरों में काफी दर्द होने लगता है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)

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सोफिया ने कहा कि मेरे सभी कोरोना टेस्ट नेगेटिव आए हैं लेकिन इसके बावजूद सभी को लगता है कि मेरे पैरों की परेशानी कोरोना के चलते ही है. ये मेरे लिए काफी डरावना है क्योंकि मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मेरे साथ क्या हो रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)

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सोफिया ने ये भी कहा कि डॉक्टर्स ने अभी तक मुझे कुछ भी नहीं बताया है कि ये कब तक चलने वाला है और मैं काफी डरी हुई हूं. वही सोफिया की मां ने बीबीसी से बातचीत में कहा कि उन्होंने अपनी बेटी के हालात ठीक करने के लिए हर तरह की चीज आजमाई है जिनमें दवाओं से लेकर क्रीम और स्टेरॉयड्स तक शामिल हैं. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)

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इससे पहले एक रिसर्च में सामने आया था कि 'कोविड-पैर' इस बीमारी के चलते पर्पल होने लगते हैं और कुछ लोगों में कोरोना की बीमारी को हराने के बाद भी कोविड पांव वाली स्थिति अगले 4-5 महीनों तक रह सकती है. इसके अलावा 12 में से एक कोरोना पॉजिटिव शख्स किसी ना किसी तरह की स्किन की समस्या से जूझ रहा है. (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)
 

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कई हेल्थ एक्सपर्ट्स भी स्किन की समस्या को कोरोना के एक अहम लक्षण में शुमार करने की मांग उठाते रहे हैं. लंदन के किंग कॉलेज के रिसर्चर्स ने खांसी, बुखार और सूंघने और टेस्ट की क्षमता के बाद त्वचा पर होने वाले लाल चकत्तों को कोरोना संक्रमण का चौथा सबसे अहम लक्षण बताया था.   (प्रतीकात्मक तस्वीर/Getty images)

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