ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने बहुत बड़ी योजना का खुलासा करते हुए कहा है कि साल 2030 से ब्रिटेन में पेट्रोल और डीजल की गा़ड़ियों की बिक्री बंद हो जाएगी. सिर्फ इलेक्ट्रिक वाहन ही चलेंगे. ये बात उनकी बड़ी योजना का एक हिस्सा मात्र है. बोरिस ने ब्रिटेन में नई हरित क्रांति यानी ग्रीन रिवोल्यूशन योजना लागू कर दी है. आइए जानते हैं कि इस योजना के तहत ब्रिटेन में अगले दस सालों में क्या-क्या बदलाव होंगे.
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने ग्रीन रिवोल्यूशन लाने के लिए 10 प्रमुख प्वाइंट्स दिए हैं.
ऑफशोर विंड (Offshore Wind): बोरिस चाहते हैं कि समुद्री तटों और समुद्र में विंड मिल यानी पनचक्की लगाकर साल 2030 तक 40 गीगावॉट ऊर्जा पैदा करनी है. इसकी मदद से करीब 60 हजार लोगों को रोजगार मिलेगा.
हाइड्रोजन (Hydrogen): ब्रिटेन की सरकार 500 मिलियन पाउंड यानी 4912 करोड़ रुपयों से कुछ हाइड्रोजन ईंधन से संचालित होने वाले घर बनाने वाली है. साल 2023 तक हाइड्रोजन के घरों के पड़ोसी बनाए जाएंगे. साल 2025 तक हाइड्रोजन गांव बनाया जाएगा. दस साल के अंत तक हजारों घर बनाने की तैयारी है.
न्यूक्लियर (Nuclear): परमाणु शक्ति को स्वच्छ ऊर्जा के तौर पर उपयोग करना. इसके लिए 525 मिलियन पाउंड यानी 5159 करोड़ रुपयों से छोटे-बड़े न्यूक्लियर प्लांट्स बनाए जाएंगे. अत्याधुनिक न्यूक्लियर रिएक्टर्स के लिए रिसर्च किया जाएगा और उन्हें विकसित किया जाएगा.
इलेक्ट्रिकल वाहन (Electrical Vehicles): ब्रिटेन की सरकार का मानना है कि इलेक्ट्रिकल वाहन चलाकर वो अपनी उन इंड्स्ट्रीज को सपोर्ट करेंगे जो वेस्ट मिडलैंड्स, नॉर्थ-ईस्ट और नॉर्थ वेल्स में स्थापित हैं. दस साल बाद सिर्फ इलेक्ट्रिकल व्हीकल्स ही ब्रिटेन की सड़कों पर दौड़ेंगी. पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों की बिक्री बंद की जाएगी.
पब्लिक ट्रांसपोर्ट, साइक्लिंग, पैदल चलना (Public Transport, Cycling, Walking): साइकिल चलाने की परंपरा को बढ़ाया जाएगा. लोगों को पैदल चलने के लिए बेहतरीन सुविधाएं दी जाएंगी. साथ ही जीरो उत्सर्जन वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को आगे बढ़ाने के लिए सुविधाओं में इजाफा किया जाएगा.
जेट जीरो और ग्रीनर मैरीटाइम (Jet Zero & Green Maritime): ब्रिटेन की सरकार 196 करोड़ रुपयों से एक प्रतियोगिता करने जा रही है ताकि ग्रीन मैरीटाइम टेक्नोलॉजी विकसित की जा सके. यानी समुद्रों में प्रदूषण का स्तर कम हो. इसके अलावा जीरो उत्सर्जन वाले विमान और जहाज बनाए जा सकें.
घर और सार्वजनिक इमारतें (Homes & Public Buildings): अगले साल तक 9826 करोड़ रुपयों की लागत से पब्लिक सेक्टर डीकार्बोनाइजेशन स्कीम के तहत पुरानी इमारतों की ठीक करना. नई इमारतें बनाना और सार्वजनिक इमारतों को सही करना शामिल है. साथ ही ग्रीन होम्स ग्रांट वाउचर स्कीम को एक साल आगे बढ़ाना. साल 2028 तक 6 लाख हीट पंप्स लगाने का लक्ष्य.
कार्बन कैप्चर (Carbon Capture): 1965 करोड़ रुपयों की मदद से दो कार्बन कैप्चर क्लस्टर बनाना है. इसके अलावा अगले दो सेट साल 2030 तक बनाए जाएंगे. इसका मकसद है साल 2030 तक 10 मीट्रिक टन कार्बन डाईऑक्साइड खत्म करना. इतना सीओटू खत्म करने से ब्रिटेन का वातावरण बेहद साफ हो जाएगा.
प्रकृति (Nature): प्राकृतिक वातावरण को बनाए रखना. उनकी सुरक्षा करना. उन्हें फिर से ठीक करना. हर साल 30 हजार हेक्टेयर पेड़ लगाने की योजना है ताकि देश में हरियाली बढ़ सके.
इनोवेशन और फाइनेंसेस (Innovation & Finances): बेहद अत्याधुनिक तकनीकों को विकसित करना ताकि ऊर्जा को संरक्षित किया जा सके. लंदन को ग्लोबल सेंटर ऑफ ग्रीन फाइनेंसेस में डेवलप किया जा सके.