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दुनिया को अपनी ताकत दिखाने के लिए चीनी सेना कर रही है ये काम

aajtak.in
  • 07 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 1:26 PM IST
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भारत के साथ सीमा विवाद के बीच चीन अपने अन्य पड़ोसी देशों को भी परेशान कर रहा है. वह मार्च से लेकर अब तक लगातार सैन्य अभ्यास करता आ रहा है. चीन अब उत्तर-पूर्वी और पूर्वी तटीय इलाकों में सैन्य अभ्यास शुरू कर चुका है. चीन की सरकार ने पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के तीनों हिस्सों, सेना, नौसेना और वायुसेना को मिलिट्री ड्रिल करने की अनुमति दे रखी है. 

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चीन ये मिलिट्री ड्रिल ऐसे वक्त कर रहा है जब उसकी सेना लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर भारतीय सैनिकों से संघर्ष कर रही है. हाल ही में भारतीय सेना और चीनी सेना के बीच पैंगोंग झील के दक्षिणी इलाके में टकराव हुआ था. चीन की सेना भारतीय जवानों की तैनाती से परेशान है. विवाद पर दोनों देशों के बीच कई दौर की बातचीत भी हो चुकी है. 

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चीन सोमवार से ही जियांग्सु और हेबई प्रांत से सटे समुद्री इलाकों में सैन्य अभ्यास शुरू कर चुका है. पहले दिन की मिलिट्री ड्रिल हेबई प्रांत के बोहाई सागर (Bohai Sea) में हो रही है. ये इलाका चीन के उत्तर-पूर्वी तटीय क्षेत्र में आता है. जबकि सैन्य अभ्यास का दूसरा सत्र मंगलवार से येलो सी (Yellow Sea) में होगा. चीन की सरकार ने बताया है कि बाकी सभी जहाजों की एंट्री पर इन इलाकों में पाबंदी लगा दी गई है.  

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पिछले महीने, चीन ने चार अलग-अलग सैन्यअभ्यासों की घोषणा की थी. ये अभ्यास बोहाई सी से येलो सी और विवादित दक्षिण चीन सागर तक किए जाने हैं. चीनी सैन्य विशेषज्ञों ने इसे एक अनोखा कदम बताया था. बता दें कि चीन ने ताइवान के आसपास भी जमकर अभ्यास किया है. जबकि, दक्षिण चीन सागर में अमेरिका के दखल की वह लगातार आलोचना करता आ रहा है. 

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चीन मार्च, अप्रैल और मई में कई बार मिलिट्री ड्रिल कर चुका है. उसने 29 मार्च 2020 की रात एक अनजान जगह पर मिलिट्री ड्रिल किया था. इससे जापान और ताइवान डर गए थे. जापान और ताइवान को डर है कि कहीं चीन कोरोना वायरस का सहारा लेकर हमारे ऊपर हमला न कर दे. चीन के युद्धाभ्यास को देखते हुए जापान ने चीन से सटे अपने मियाकोजिमा द्वीप पर मिसाइलें और 340 सैनिक तैनात कर दिए हैं. 

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चीन ने 11 अप्रैल को पूरी दुनिया के सामने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. चीन की नौसेना ने रियलिस्टिक मैरीटाइम ऑपरेशंस में भाग लिया. इस बार चीन ने दक्षिण चीन के समुद्री इलाके में गाइडेड मिसाइल से लैस यूलिन और सूचांग युद्धपोत से मिसाइल दागे. दोनों युद्धपोतों से सैकड़ों बम-गोले, मिसाइलें और गाइडेड मिसाइलों का परीक्षण किया गया. 

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इस युद्धाभ्यास में चीन की नौसेना ने फॉर्मेशन मैन्यूवर, लाइव फायर ऑपरेशंस, एंटी-सबमरीन वॉरफेयर, ज्वाइंट सॉल्वेज जैसे काम किए. चीन की सेना की आधिकारिक साइट ने इसकी तस्वीरें चीन के सरकारी अखबार ग्लोबल टाइम्स को दी थीं.

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चीन ने अपनी परमाणु हथियार ले जाने वाली मिसाइल को तैनात कर दिया है. सैटेलाइट तस्वीरों से इस बात का खुलासा होता है. चीन ने लद्दाख से 600 किलोमीटर की दूरी पर परमाणु बमवर्षक तैनात किए हैं. इस मिसाइल का नाम है DF-26/21. यह मिसाइल चीन के शिनजियांग प्रांत को कोर्ला आर्मी बेस (Korla Army Base) पर तैनात की हैं. 

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हाल ही में चीन ने DF-26B और DF-21D मिसाइल हैनान और पारसेल द्वीप के बीच दागी गई हैं. ये दोनों मिसाइलें मध्यम दूरी तक मार करने वाली बैलिस्टिक मिसाइलें हैं. मिसाइल दागने की वजह से इस इलाके में हवाई यातायात को कुछ समय के लिए रोक दिया गया था. 

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कुछ दिन पहले अमेरिकी युद्धपोत रोनाल्ड रीगन ने पारसेल द्वीप के पास ही युद्धाभ्यास किया था. माना जा रहा है कि उसी का जवाब देने के लिए चीन ने मिसाइल टेस्ट के लिए इस जगह को चुना था. हालांकि, रक्षा विशेषज्ञ ये भी मान रहे हैं कि अमेरिकी जासूसी विमान U2 की उड़ानों से भी चीन नाराज है.

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