Advertisement

ट्रेंडिंग

जिसे मिली मौत की सजा वो बन गया श्रीलंका में सांसद

aajtak.in
  • 09 सितंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:26 PM IST
  • 1/7

श्रीलंका में मंगलवार को राजनीति का एक अलग रंग देखने को मिला. जिस व्यक्ति को हत्या के जुर्म में मौत की सजा मिली है, वह सांसद बन गया. उसने हंगामा कर रहे विपक्ष के सामने  शपथ ली. इसे श्रीलंका की सत्तारूढ़ पार्टी श्रीलंका पोडुजाना पार्टी (SLPP) का सांसद बनाया गया है. इस शख्स ने 2015 में विपक्षी कार्यकर्ता की एक चुनावी रैली में गोली मारकर हत्या कर दी थी.

  • 2/7

मौत की सजा पाए इस सांसद का नाम है प्रेमालाल जयासेकरा (Premalal Jayasekara). 45 वर्षीय प्रेमालाल जयासेकरा को पांच अगस्त के संसदीय चुनावों से कुछ ही दिन पहले हत्या के मामले में 31 जुलाई को दोषी ठहराया गया था. प्रेमालाल ने दक्षिम पश्चिम रत्नापुर इलाके से चुनाव लड़ा था. अपीलीय अदालत ने जेल महाआयुक्त को निर्देश दिया कि वह मंगलवार से शुरू हो रहे संसद सत्र में प्रेमलाल के उपस्थित होने की व्यवस्था करें. 

  • 3/7

प्रेमलाल ने कोर्ट में अर्जी देकर संसद सत्र में शामिल होने की अनुमति मांगी थी. इस अर्जी का विरोध करते हुए अटॉर्नी जनरल ने पिछले हफ्ते कोर्ट से कहा था कि मौत की सजा पाया व्यक्ति सांसद बनने के लिए अयोग्य होता है. जबकि फैसला सुनाते हुए अपीलीय अदालत के जज ने कहा कि अभी किसी कोर्ट ने प्रेमलाल के चुनाव को अवैध नहीं ठहराया है.

Advertisement
  • 4/7

संसद में प्रेमालाल जयासेकरा को आते देख विपक्षी पार्टियों के नेताओं ने काला शॉल गले में लपेट कर विरोध जताया. नारेबाजी भी की. लेकिन प्रेमालाल ने संसद में स्पीकर के सामने शपथ भी ली. इससे नाराज विपक्ष के कुछ नेता संसद भवन से बाहर निकल गए. 

  • 5/7

प्रेमालाल को जेल से संसद तक सुरक्षा में लाया गया था. वो 2001 से सांसद है. साथ ही पहला ऐसा सांसद है जो हत्या के जुर्म में मौत की सजा पा चुका है. जनवरी 2015 में राष्ट्रपति चुनाव के दौरान प्रेमालाल जयासेकरा ने राजनीतिक कार्यकर्ता की गोली मारकर हत्या कर दी थी. 

  • 6/7

श्रीलंका में मौत की सजा पर कमी लाई जा रही है. साल 1976 के बाद से अभी तक किसी को मौत की सजा दी नहीं गई है. जयासेकरा पहले सांसद हैं श्रीलंका में जिन्हें मौत की सजा मिली और वो पूरी सुरक्षा के साथ संसद भवन पहुंचे ताकि सत्र में शामिल हो सकें. प्रेमालाल की तरह ही पहली बार सांसद बने सिवानेसाथुराई चंद्रकंठन भी तथाकथित हत्या के आरोपी है. वो भी संसद में मौजूद थे. 

Advertisement
  • 7/7

ADR के मुताबिक भारतीय संसद में भी 40 फीसदी सांसदों पर आपराधिक मामले चल रहे हैं. एशियाई देशों में सांसदों की आपराधिक पृष्ठभूमि सामान्य सी बात हो गई है. इनमें हत्या, दुष्कर्म, जान लेने की धमकी देना आम है. बहुत से एशियाई देशों में आपराधिक पृष्ठभूमि के लोग सांसद या विधायक बन जाते हैं. 

Advertisement
Advertisement