साल 2020 पूरी दुनिया समेत व्यक्तिगत स्तर पर भी लोगों के लिए एक खराब साल रहा है. कोरोना वायरस महामारी की वजह से हालात खराब होते चले गए और करोड़ों की संख्या में लोगों को अपनी नौकरी से हाथ धोना पड़ा. लेकिन मुंबई के रहने वाले एक लड़के ने ऐसी ही परिस्थिति में मिसाल पेश की है और लोगों को बताया है कभी भी हार नहीं माननी चाहिए.
अक्षय पार्कर फाइव स्टार होटल में एक शेफ थे और उन्होंने कई अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों में काम किया था लेकिन कोरोना वायरस संकट के बीच उनकी नौकरी चली गई. खुद के भाग्य को कोसने की जगह अक्षय ने मुंबई में एक सड़क के किनारे स्टॉल खोला और अपनी आजीविका कमाने के लिए बिरयानी बेचना शुरू कर दिया.
एक फेसबुक पेज पर उनकी कहानी शेयर की गई है. अक्षय की कहानी और और उनके बिरयानी स्टॉल की तस्वीरों को साझा किया गया है. मराठी से अंग्रेजी में अनुवादित कैप्शन में कहा गया है कि अक्षय ताज फ्लाइट सर्विसेज में काम करते थे, और क्रूज़ में भी आठ साल तक काम कर चुके थे.
अपनी नौकरी गंवाने के बाद, अक्षय ने मुंबई में एक सड़क के किनारे भोजनालय खोला, जहां वे बिरयानी बेचते हैं. पोस्ट में उनकी बिरयानी स्टाल के पते और उस कीमत का भी उल्लेख किया गया है जिस पर वह बिरयानी बेचते हैं.
अक्षय दादर इलाके में जेके सावंत मार्ग पर अपनी स्टॉल लगाते हैं. अक्षय वहां वेज बिरयानी 800 रुपये प्रति किलोग्राम और नॉन-वेज बिरयानी को 900 रुपये प्रति किलोग्राम की कीमत पर बेचते हैं. फेसबुक पर उनकी कहानी शेयर होने के बाद यह पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गई है और इसे हजारों लाइक्स और कमेंट मिले. लोगों ने उनकी हिम्मत की दाद दी है.