दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया कैंपेन चलाकर 1629 करोड़ रुपए जुटाने वाले पैट्रिक क्विन का आज निधन हो गया. पैट्रिक क्विन ने साल 2014 में आइस बकेट चैलेंज (Ice Bucket Challenge) की शुरुआत सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर की थी. इसका मकसद था एक दुर्लभ बीमारी से जूझ रहे लोगों का इलाज करना, बीमारी पर रिसर्च करना और मरीजों के लिए दवाओं की खोज और व्यवस्था करना.
पैट्रिक क्विन (Patrick Quinn) को एमायोट्रॉफिक लैटरल स्क्लेरोसिस (amyotrophic lateral sclerosis - ALS) नामक दुर्लभ बीमारी थी. इसे सामान्य तौर पर लोउ गेहरिग डिजीज (Lou Gehrig's Disease) कहते हैं. पैट्रिक को 8 मार्च 2013 में पता चला था कि वो इस बीमारी से पीड़ित हैं. उन्होंने ALS एसोसिएशन से संपर्क किया.
ALS एसोसिएशन और पैट्रिक क्विन ने मिलकर आइस बकेट चैलेंज की शुरुआत साल 2014 में की थी. सोशल मीडिया पर ये कैंपेन बहुत पसंद किया गया था. इस कैंपेन की वजह से पैट्रिक और एसोसिएशन ने कुल 220 मिलियन यूएस डॉलर यानी 1629 करोड़ रुपए से ज्यादा राशि जमा की. यह राशि इस बीमारी को ठीक करने के लिए रिसर्च, मरीजों का इलाज और दवाएं खोजने में काम आ रही है.
पैट्रिक क्विन के निधन की सूचना ALS एसोसिएशन ने ट्वीट किया. इसके बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर पैट्रिक के लिए लोगों की संवेदनाओं की सुनामी सी आ गई. पैट्रिक के समर्थकों ने फेसबुक पर लिखा है कि हम हमेशा उन्हें एक प्रेरणास्रोत के तौर पर याद करेंगे. ALS से संघर्ष में पैट्रिक ने अदम्य साहस का परिचय दिया है.
यूएस सेंटर्स ऑफ डिजीस कंट्रोल एंड प्रिवेंशन के अनुसार, अमेरिका में 12 से 15 हजार लोग ALS से पीड़ित हैं. 5 से 10 फीसदी एएलएस के केस आनुवांशिक तौर पर होते हैं. इस बीमारी न तो कोई इलाज है, न ही इसकी कोई दवा है. 37 वर्षीय पैट्रिक क्विन का निधन अमेरिका के एक अस्पताल में हुआ, जहां उनका इलाज चल रहा था.
पैट्रिक के साथ ALS को लेकर जिस व्यक्ति ने सबसे ज्यादा जागरूकता फैलाई उसका नाम था पीटर फ्रेट्स. पीटर भी इस बीमारी से ग्रसित थे. उनकी मौत 34 साल की उम्र में हुई थी. पीटर का निधन भी इस बीमारी के पता चलने के सात बाद हुआ था. ऐसा ही पैट्रिक के साथ भी हुआ.
आइस बकेट चैलेंज (Ice Bucket Challenge) को दुनिया भर के दिग्गजों ने ट्राई किया था. इसमें बिल गेट्स, हॉलीवुड एक्टर चार्ली शीन, आइस हॉकी प्लेयर बॉल बैसन्नेट जैसे लोग शामिल थे.