इस बार गणतंत्र दिवस परेड में भारत की सैन्य शक्ति में शामिल कुछ बेहतरीन हथियारों प्रदर्शन किया जा रहा है. पहली बार राफेल विमान उड़ेंगे तो दूसरी तरफ टी-90 टैंकों समेत कई हथियार दिखाए जाएंगे. आइए जानते हैं कि कौन से हथियार, टैंक्स, मिसाइल और विमान इस बार गणतंत्र दिवस परेड की शान बढ़ाने वाले हैं.
परेड के दौरान भारतीय सेना अपने मेन बैटल टैंक टी-90 भीष्म, इनफैन्ट्री कॉम्बैट वाहन बीएमपी-दो सरथ, अपग्रेडेड शिल्का वेपन सिस्टम, ब्रह्मोस मिसाइल की मोबाइल प्रक्षेपण प्रणाली, रॉकेट सिस्टम पिनाका, इलेक्ट्रॉनिक युद्धक प्रणाली समेत अन्य हथियारों को प्रदर्शित कर रही है.
ब्रह्मोस मिसाइल सिस्टम को देखने के लिए लोग उत्साहित रहते हैं. इस मिसाइल से भारत के दुश्मनों की रूह कांप जाती है. क्योंकि इसकी सटीकता और गति इतनी शानदार है कि दुश्मन को संभलने का मौका तक नहीं मिलता. 3457 किलोमीटर प्रतिघंटा की गति से हमला करने वाली इस मिसाइल के आगे हालत खराब हो जाती है. 400 किलोमीटर की रेंज में ये किसी भी दुश्मन को नाकों चने चबा सकता है.
अपग्रेडेड शिल्का वेपन सिस्टम आसमानी आफतों से बचाता है. यह एक ताकतवर और सटीक एयर डिफेंस सिस्टम है. इसका थ्रीडी ट्रैकिंग राडार आसमान से आने वाले हर मुसीबत को पहचान कर उसे मार गिराने में सक्षम हैं.
दुनिया का सबसे ताकतवर और मजबूत मेन बैटल टैंक T-90 भी इस परेड की शान बढ़ा रहा है. तीसरी पीढ़ी का यह अत्याधुनिक टैंक टी-90 यानी भीष्म में 125 मिलीमीटर गन है जो विभिन्न प्रकार के गोले दाग सकती है. यह किसी गाइडेड मिसाइल को भी निशाना लगा सकती है. इसका गोला 5 किलोमीटर की रेंज तक दुश्मन को ध्वस्त कर सकता है. यह पानी में पांच मीटर की गहराई तक जा सकता है.
भारतीय नौसेना अपनी तरफ से आईएनएस विक्रांत और 1971 के भारत-पाकिस्तान युद्ध के दौरान सैन्य अभियान की झांकी पेश कर रही है. इंडियन एयरफोर्स हल्के लड़ाकू विमान तेजस और देश में विकसित टैंक रोधी निर्देश मिसाइल ध्रुवास्त्र पेश करेगी. साथ ही एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर का फ्लाई पास्ट होगा.
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) की इस बार दो झांकी होगी. DRDO इस बार लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट नेवी (LCA-NAVY) के टेकऑफ की झांकी दिखा रहा है. इसके अलावा वह एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) की झांकी दिखा रहा है. LCA-NAVY टेकऑफ और लिफ्टऑफ का प्रदर्शन कर रहा है.
DRDO की दूसरी झांकी जिसमें एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल (ATGM) की प्रतिकृतियां रखी हैं. उसमें NAG, HELINA, MPATGM, SANT और मेन बैटल टैंक अर्जुन के लिए तैयार लेजर गाइडेड ATGM को दिखाया गया है. इस झांकी को DRDO के युवा वैज्ञानिक शैलादित्य भौमिक पेश करेंगे.