भारत ने आज अपना 42वां संचार उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च किया. इस लॉन्च के साथ ही भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (Indian Space Research Organisation - ISRO) ने चार उपलब्धियां हासिल की हैं. इस संचार उपग्रह को पीएसएलवी रॉकेट से गुरुवार दोपहर पौने चार बजे लॉन्च किया गया. आइए जानते हैं इस लॉन्च के बाद इसरो ने क्या उपलब्धियां हासिल कीं. (फोटो- ISRO/PSLV-C50)
इसरो ने पीएसएलवी-सी50 (PSLV-C50) रॉकेट के जरिए आज अपना 42वां संचार उपग्रह अंतरिक्ष में भेजा. इस संचार उपग्रह का नाम है सीएमएस-01 (CMS-01). इसे पीएसएलवी-सी50 रॉकेट ने इसकी निर्धारित जियोसिनक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO) में पहुंचा दिया है. अगले चार दिनों में सीएमएस-01 सैटेलाइट अपनी कक्षा के तय स्थान पर तैनात हो जाएगा. (फोटो- ISRO/PSLV-C50)
इस सैटेलाइट के जरिए सी-बैंड फ्रिक्वेंसी को मजबूती मिलेगी. यानी देश में टीवी संचार को लेकर नई तकनीक को विकसित किया जा सकता है. रॉकेट ने 20 मिनट की उड़ान के बाद सीएमएस-01 सैटेलाइट को उसकी तय कक्षा में पहुंचा दिया था. अब इस कक्षा में आगे की यात्रा सैटेलाइट खुद अपने आप पूरी करेगा. (फोटो- ISRO/PSLV-C50)
सीएमएस-01 (CMS-01) अगले सात सालों तक सक्रिय रहेगा. इस दौरान इसकी मदद से देश में टीवी कम्यूनिकेशन सिस्टम, टीवी से संबंधित संचार प्रणालियों और व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने का मौका मिलेगा. इस सैटेलाइट के जरिए अंडमान-निकोबार, लक्षद्वीप समेत पूरे भारत में एक्सटेंडेड सी-बैंड फ्रिक्वेंसी का कवरेज मिलेगा. (फोटो- ISRO/PSLV-C50)
अब आइए जानते हैं कि इस लॉन्च के बाद इसरो ने कौन सी चार उपलब्धियां हासिल कीं. पहली उपलब्धि- सतीश धवन स्पेस सेंटर से ये 77वां लॉन्च मिशन था. दूसरी उपलब्धि- यह पीएसएलवी रॉकेट की 52वीं सफल उड़ान थी. तीसरी उपलब्धि ये है भारत ने अपना 42वां संचार उपग्रह लॉन्च कर दिया है. चौथी उपलब्धि ये है कि पीएसएलवी-एक्सएल रॉकेट की ये 22वीं सफल उड़ान थी. (फोटो- ISRO)