इंडिया टुडे-कार्वी इनसाइट्स मूड ऑफ द नेशन (MOTN) सर्वे में देश की जनता ने वर्तमान परिस्थिति में प्रधानमंत्री, चुनाव, पार्टी, विपक्ष के बारे में अपना मत दिया है. इस सर्वे के दौरान 44 प्रतिशत लोगों ने कहा कि नरेंद्र मोदी भारत के अब तक के बेस्ट प्रधानमंत्री रहे हैं.
(All GFX- aajtak)
दरअसल, केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार को दूसरी बार जीतकर आए हुए एक साल
से ज्यादा का वक्त हो गया है. मई 2019 को आए चुनावी नतीजों में बीजेपी के
नेतृत्व वाले एनडीए ने धमाकेदार जीत हासिल कर एक बार फिर केंद्र की सत्ता
पर कब्जा किया था.
तब से लेकर अब तक कितना बदला है वोटरों का मिजाज
‘आजतक’ ने ये जाना अपने खास सर्वे ‘देश का मिजाज’ में. ‘आजतक’ के लिए
कार्वी इनसाइट्स ने यह सर्वे देश के 19 राज्यों के 97 संसदीय और 194
विधानसभा क्षेत्रों में किया.
सर्वे 15 जुलाई से 27 जुलाई के बीच
किया गया. सर्वे के मुताबिक अगर आज चुनाव होते हैं तो 543 लोकसभा सीटों में से नरेंद्र मोदी के
नेतृत्व वाले एनडीए को 42 फीसदी वोटों के साथ 316 सीटें मिलतीं जबकि बीजेपी
को अकेले दम पर 36 फीसदी वोटों के साथ 283 सीटें हासिल होतीं.
आजतक
के लिए ये सर्वे कार्वी इनसाइट्स लिमिटेड ने किया और इसके नतीजे बताते हैं
कि यदि आज चुनाव हों तो भी बीजेपी अपने दम पर बहुमत के जादुई आंकड़ा पार
कर लेगी लेकिन 2019 के नतीजों की तुलना में न सिर्फ बीजेपी बल्कि एनडीए की
सीटें भी घट जाएंगी.
2019 के लोकसभा चुनाव के नजरिए से देखें तो
एनडीए को 353 जबकि बीजेपी को अपने दम पर 303 सीटें मिली थी. इस तरह से
पिछले चुनाव की तुलना में एनडीए की 37 सीटें घटती दिख रही हैं तो बीजेपी को
भी 20 सीटों का नुकसान होने की संभावना है.
इतना ही नहीं ग्राफिक्स
में देखिए, सर्वे के मुताबिक चुनाव होने की स्थिति में सोनिया गांधी के नेतृत्व वाले यूपीए को 27
फीसदी वोटों के साथ 93 सीटें मिलतीं. कांग्रेस को अपने दम पर 19 फीसदी वोट
और 49 सीटें हासिल होतीं. इस तरह से कांग्रेस को 2019 के लोकसभा के चुनाव
की तुलना में 3 सीटों का नुकसान झेलना पड़ता, हालांकि यूपीए की दो सीटें
बढ़ जातीं. कांग्रेस को 2019 में 52 सीटें मिली थीं जबकि यूपीए के खाते में
91 सीटें आई थीं.
ग्राफिक्स के माध्यम से यह भी बताया गया है कि
बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ अकाली दल, जेडीयू, एलजेपी,
एआईएडीएमके, आजसू, अपना दल, आरएलपी, डीएमडीके, असम गढ़ परिषद सहित
पूर्वोत्तर के एआईएनआरसी, बीडीजेएस, बीपीएफ, केईसी, एनडीपीपी और एनपीएफ
जैसे दल है. वहीं, कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूपीए के साथ डीएमके, आरएलडी,
एनसीपी, जेएमएम, जेडीएस, जेवीएम, आईयूएमएल, नेशनल कॉफ्रेंस, आरएलएसपी सहित
कई अन्य छोटे दल शामिल हैं.
देश में कई ऐसे राजनीतिक दल हैं जो न तो
यूपीए और न ही एनडीए का हिस्सा हैं. सर्वे के मुताबिक ऐसे अन्य दलों के
खाते में 31 फीसदी वोट को साथ 134 सीटें जा सकती हैं. अन्य दलों में सपा,
बसपा, टीएमसी, आम आदमी पार्टी, पीडीपी, एयूडीएफ, आरएलडी, टीआरएस, बीजेडी,
वाईएसआर कांग्रेस, टीडीपी सहित तमाम वामपंथी दल शामिल हैं.
आगे देखिए ग्राफिक्स तस्वीरों में क्या है देश का मूड....
अगस्त 2020 के लिए किए इस सर्वे में नरेंद्र मोदी की परफॉर्मेंस देश के चारों कोनों में ही नहीं बल्कि हर समुदाय और शहरी व ग्रामीण इलाकों के लोगों के बीच सराही गई है.
सर्वे में जनता से पूछा गया कि प्रधानमंत्री के तौर पर आप नरेंद्र मोदी की
परफॉर्मेंस को कैसे आंकते हैं? जवाब में 30 फीसदी लोगों ने कहा- बेहतरीन,
जबकि 48 फीसदी अन्य लोगों ने मोदी का प्रदर्शन पीएम के रूप में अच्छा
बताया.
78 फीसदी लोग पीएम मोदी के कामकाज से खुश हैं. 17 फीसदी लोग
ऐसे हैं, जिन्हें लगता है कि पीएम के रूप में नरेंद्र मोदी का प्रदर्शन
औसत ही है, पांच फीसदी ऐसे लोग भी हैं जिन्हें लगता है कि मोदी की
परफॉर्मेंस खराब है.
इस सर्वे के मुताबिक उत्तर भारत में 75 फीसदी लोग नरेंद्र मोदी के काम से खुश
हैं तो दक्षिण में 73 फीसदी लोग पीएम के काम को अच्छा मान रहे हैं. वहीं, पूर्वोत्तर में
79 फीसदी तो पश्चिमी भारत में 83 फीसदी लोग पीएम मोदी के परफॉर्मेंस को
बेहतरीन मानते हैं.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता हर
समुदाय में बढ़ी है. सर्वे के मुताबिक देश के 83 फीसदी हिंदू मोदी की
परफॉर्मेंस से खुश हैं तो 42 फीसदी मुस्लिम भी उनके कामकाज को अच्छा मानते
हैं. अन्य समुदाय के 58 फीसदी लोगों ने पीएम मोदी के काम की तारीफ की. शहरी
इलाके में 80 फीसदी लोग तो ग्रामीण इलाके के 78 फीसदी लोग पीएम मोदी के
कामकाज से खुश हैं.
सर्वे में 12 हजार 21 लोगों से बात की गई. इनमें से 67 फीसदी ग्रामीण जबकि शेष 33 फीसदी लोग शहरी थे. 19 राज्यों की कुल 97 लोकसभा और 194 विधानसभा सीटों के लोग सर्वे में शामिल किए गए.
मोदी सरकार की दूसरी सबसे बड़ी उपलब्धि राम मंदिर मानी गई. सर्वे के
मुताबिक 13 फीसदी लोगों ने राम मंदिर का श्रेय मोदी सरकार को दिया है.
वहीं, सीएए, मेक इन इंडिया, आयुष्मान भारत जैसे सरकार के कदम को महज एक-दो
फीसदी लोग ही सबसे बड़ी उपलब्धि मानते हैं.
सर्वे के मुताबिक 16 फीसदी लोगों ने माना कि जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाना मोदी सरकार का सबसे बेहतर कदम रहा है.
क्षेत्रवार
लोगों की राय को देखा जाए तो उत्तर भारत में 21 फीसदी, पूर्वोत्तर में 14
फीसदी, पश्चिमी भारत में 18 फीसदी और दक्षिण भारत के 11 फीसदी लोगों ने
सरकार के इस कदम को सबसे बड़ी उपलब्धि बताया.
देश के
इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए भी सरकार की ओर से काफी प्रयास किए
गए हैं. सर्वे के मुताबिक 11 फीसदी लोगों ने कहा है कि इंफ्रास्ट्रक्चर
मजबूत करना मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है.
9 फीसदी लोगों का मानना है कि मोदी सरकार भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने में सफल रही है और यही सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि है.
सर्वे के मुताबिक 9 फीसदी लोगों ने माना है कि सरकार के प्रयास की वजह से ब्लैक मनी में गिरावट आई है.
इधर महज 7 फीसदी लोग ही मानते हैं कि सरकार ने कोरोना को जैसे कंट्रोल किया वो उसकी सबसे बड़ी उपलब्धि है.
5 फीसदी लोगों के मुताबिक गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स (GST) को लागू करना मोदी सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि रही.
किसान और गरीबों के लिए लागू होने वाली सामाजिक योजनाओं को 6 फीसदी लोगों ने सरकार की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया है.