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नगालैंड में कुत्ते के मांस की बिक्री बैन, ऐसे चलता था काला कारोबार

aajtak.in
  • 03 जुलाई 2020,
  • अपडेटेड 6:54 PM IST
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नगालैंड सरकार ने राज्य में कुत्ते और उसके मांस के आयात और बिक्री पर बैन लगा दिया है. बीते कुछ समय से कुत्तों के मांस की बिक्री पर पाबंदी लगाने को लेकर कुछ संगठन आवाज उठा रहे थे. जिसके बाद शुक्रवार को नगालैंड सरकार ने यह कदम उठाया है. (Photo: Reuters)

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नगालैंड के मुख्य सचिव तेम्जेन टॉय ने बताया कि नगालैंड सरकार ने कुत्तों के कच्चे और पके मांस की बिक्री पर बैन लगा दिया है. इसके अलावा सरकार ने कुत्तों के मार्केट भी बंद करने का फैसला लिया है.  

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बता दें कि नगालैंड सरकार ने ये फैसला फेडरेशन ऑफ़ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ऑर्गनाइजेशन (FIAPO) की अपील के बाद लिया है. इस बारे में FIAPO के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर वरदा मेहरोत्रा ने बताया कि हाल ही में उस वक्त हमारे होश उड़ गए जब दीमापुर (नगालैंड  का व्यापारिक केंद्र) में कई कुत्ते बोरों में बंद होकर बिकने के लिए आए थे. उन्हें बेहद क्रूरता के साथ बोरों में बंद कर कसाईखाने ले जाया जा रहा था.

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इसके पहले हम कई बार कुत्तों की तस्करी और उनके साथ होने वाली क्रूरता को लेकर आवाज उठाते रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद चोरी छिपे कुत्तों की तस्करी होती रही. 2016 से हमने सरकार से कुत्तों के मांस की बिक्री पर रोक लगाने की मांग की थी जिसके बाद अब नगालैंड सरकार ने ये फैसला लिया है.

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गौरतलब है कि कुत्तों के मांस के लिए उनकी तस्करी होती रही है. आवारा कुत्तों को पकड़कर उनके साथ क्रूरता पूर्ण व्यवहार होता है. कुत्तों के मांस का मार्केट नगालैंड के अलावा असम और पश्चिम बंगाल तक फैला है. जानकार बताते हैं कि असम में 50 रुपये में पकड़ा गया कुत्ता नगालैंड के होलसेल मांस मार्केट में 1000 रुपये तक में बिकता है.

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नगालैंड में कुत्तों के मांस की बिक्री 200 रुपये प्रति किलो तक होती है. यानी कि एक कुत्ते पर लोग यहां 2 हजार रुपये तक कमा लेते हैं. इस वजह से कुत्तों की तस्करी बड़े पैमाने पर होने लगी थी.

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