बिहार के औरंगाबाद सदर अस्पताल में दो महिलाओं के बच्चे आपस में बदल गए. अब दोनों में इस बात को लेकर घमासान शुरू हो गया कि बेटा किसका है. दोनों मां की डिलिवरी एक ही दिन हुई. एक ने बेटे को जन्म दिया, जबकि दूसरी ने बेटी को. पुलिस से शिकायत के बाद ये मामला कोर्ट पहुंच गया. अब कोर्ट के आदेश पर बच्चों का डीएनए टेस्ट होगा. इसके आधार पर ही बच्चों की असली मां की पहचान की जाएगी.
औरंगाबाद के सदर अस्पताल में नावाडीह रोड जगजीवन नगर निवासी नीरज कुमार की पत्नी कुसुम देवी और भड़कुड़िया गांव निवासी राहुल पासवान की पत्नी बबीता देवी को प्रसव के लिए भर्ती कराया गया था. 20 नवंबर को हुए प्रसव के बाद अस्पताल प्रशासन ने दोनों महिलाओं को उनके बच्चे दे दिए.
दोनों महिलाएं अपने-अपने बच्चों को लेकर घर चले गए, लेकिन घर जाकर जब कुसुम ने गोद में लड़की देखी, तो वो हैरान रह गई. इसके बाद वह हॉस्पिटल से बबीता का पता लेकर उसके घर पहुंच गई. जहां दोनों महिलाओं में लड़का-लड़की के चक्कर में घमासान शुरू हो गया. बबीता का कहना था कि उसने लड़के को जन्म दिया है.
ये झगड़ा पुलिस थाने पहुंच गया. पुलिस ने दोनों महिलाओं के घरवालों को भी बुला लिया, लेकिन ये तय नहीं हो पा रहा था, कि कौन सा बच्चा किसका है. अस्पताल के मुताबिक बबीता देवी को बेटी पैदा हुई. फिलहाल पुलिस ने मामला शांत कराते हुए कुसुम को लड़का दे दिया है, जबकि बबीता को लड़की.
इस मामले में एसडीपीओ अनूप कुमार, मुफस्सिल थाना प्रभारी एचएन झा और नगर थाना प्रभारी अंजनी कुमार की उपस्थिति में समझौता कराया गया. वहीं अब न्यायालय के आदेश पर डीएनए टेस्ट कराया जायेगा, जिसके बाद साबित हो सकेगा, कि बच्चा किसका है.