आधुनिक युग में रोबोट का महत्व बढ़ गया है. रोबोट को सभी क्षेत्र डिफेंस, कृषि, इंडस्ट्री, सूचना ट्रांसफर, मिनिएचर कंपोनेंट के डिजाइन आदि में प्रयोग में तो किया जा रहा है. इसके अलावा बुजुर्गों के अकेलेपन को दूर करने और उनकी खुशी बढ़ाने में रोबोट जानवर बेहद मददगार साबित हो रहे हैं.
एक हालिया शोध से पता चला है कि इस पेट थेरेपी से बुजुर्गों को कई फायदे मिल रहे हैं. ये रोबो जानवर असली जानवरों की तरह हरकतें कर तनाव और अकेलेपन को दूर करते हैं. इसके अलावा बुजुर्गों में उच्च रक्तचाप और कार्टिसोल के स्तर को कम करने के अलावा सामाजिक गतिविधियों को बढ़ाने में भी मदद मिल रही है.
यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, जानवरों को प्यार करने की गतिविधि से शरीर में एक सुकून देने वाली गतिविधि होती है. इससे इंसानों के शरीर में सेरोटोनिन, प्रोलैक्टीन और ऑक्सीटोसिन जैसे हार्मोन रिलीज होते है जो तनाव कम करने और मूड को अच्छा बनाने में मदद करते हैं.
एजलेस इनोवेशन नामक कंपनी ने कुत्ते और बिल्ली के आकार के रोबोट जानवर पेश किए हैं. रोबोटिक जानवरों को असली जानवरों की तरह देखभाल और रखरखाव की जरूरत नहीं होती इसलिए वे बुजुर्गों के लिए सबसे बेहतरीन होते हैं. इन रोबोटिक पालतू जानवरों ने अल्जाइमर और डिमेंशिया से पीड़ित मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में सुधार किया है.
न्यूयॉर्क के मेमोरी केयर यूनिट की प्रवक्ता मैरी फारकास ने कहा, हमारे सेंटर में रहने वाले लोगों को सुकून देने में यह रोबो जानवर बेहद प्रभावी साबित हुए हैं. यह बुजुर्गों के आत्मविश्वास को बढ़ाते हैं और तनाव को कम करते हैं.