हैदराबाद के नेहरू जूलॉजिकल पार्क में आशा नामक बाघिन के तीन शावकों में से एक शावक का नाम संतोष रखा गया है. यह नाम लद्दाख के गलवान घाटी में चीन के साथ हिंसक झड़प में शहीद हुए कर्नल संतोष बाबू के नाम पर रखा गया है.
दरअसल, बाघिन ने इन शावकों को लॉकडाउन में ही जन्म दिया था. इन
शावकों का अब नामकरण किया गया है. एक बाघ शावक का नाम संतोष रखा गया है.
कर्नल संतोष बाबू का गृह प्रदेश तेलंगाना
ही है. ऐसे में उनके सम्मान में बाघ को संतोष नाम दिया गया है. दो अन्य शावकों का नाम सूर्य और संकल्प रखा गया है.
संतोष बाबू 15 जून को
चीनी सैनिकों को गलवान घाटी में मुहतोड़ जवाब देते हुए शहीद हो गए थे.
कर्नल बाबू 16 बिहार रेजिमेंट के कमांडिंग ऑफिसर थे.
बता दें कि
लद्दाख के गलवान घाटी में भारत-चीन सैनिकों के बीच हुई झड़प में 20 जवान
शहीद हुए हैं. सेना ने अपने आधिकारिक बयान में इसकी पुष्टि की थी. यह घटना
तब हुई थी जब पिछले दिनों सीमा पर भारत और चीन के बीच तनाव चरम पर था.