मध्य प्रदेश का पन्ना जिला वैसे भी हीरों की नगरी के नाम से देश-दुनिया में जाना जाता है. कहते हैं कि भगवान जुगल किशोर की नगरी में कब किसकी किस्मत चमक जाए, इसका अंदाजा लगाना मुमकिन नहीं होता है जिसके कई जीते-जागते उदाहरण भी हैं.
मंगलवार को एक मजदूर आनंदी लाल कुशवाहा को भी पन्ना की धरा ने रंक से राजा बना दिया और बेशकीमती उज्ज्वल जैम क्वालिटी का हीरा मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है. अमूमन 1 कैरेट हीरे का मूल्य 5 लाख रुपये होता है और यह जो हीरा मिला है, उसका वजन 10 कैरेट से ज्यादा है.
पन्ना के रानीपुर की उथली हीरा खदान से मजदूर को यह हीरा तब मिला जब उसे खदान में एक ठोकर लगी. हीरे को मजदूर व उसके साथियों ने हीरा कार्यालय में जमा कर दिया है.
अब इस हीरे को आगामी ऑक्शन में रखा जाएगा जिसकी खुली बोली लगाई जाएगी और जो सबसे अधिक बोली होगी, वह हीरे की असली कीमत होगी. इसके बाद उच्चतम बोली की राशि से हीरा कार्यालय करीब 12 प्रतिशत राशि टैक्स के रूप में काट कर बाकी 88 प्रतिशत राशि तुआदार (हीरा धारक) को दे देगा.
दरअसल, कोरोना संक्रमण के चलते देश में 25 मार्च से लॉकडाउन चल रहा था. जैसे ही देश अनलॉक होना शुरू हुआ तो पन्ना में उथली हीरा खदानों में काम शुरू किया गया.
लॉकडाउन के बाद से यह पन्ना हीरा कार्यालय में पहला बड़ा हीरा जमा किया गया है. वहीं, मजदूर का कहना है कि भगवान जुगल किशोर की उन पर कृपा हुई है. पहले भी इसी खदान से उसे 70 सेंट का हीरा मिल चुका है और अब उसे 10.69 कैरेट का बेशकीमती हीरा मिला है.
हीरा मिलने के बाद मजदूर व उसके साथियों के खुशी से चेहरे खिल गए हैं कि आखिरकार पन्ना की रत्नगर्भा धरती ने मजदूर की मेहनत का फल दिया है.