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इस भारतीय ने बनाई थी जेम्स बॉन्ड की कार, जानिए अब क्यों हुए अरेस्ट

aajtak.in
  • 30 दिसंबर 2020,
  • अपडेटेड 12:01 PM IST
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ये उन दिनों की बात है जब भारत में कार डिजाइन करना या उसके बारे में कोई सोचता भी नहीं था. भारत की एक पीढ़ी ने कार डिजाइन का मतलब डीसी (DC) को जाना और पहचाना है. डीसी यानी दिलीप छाबड़िया, जिन्हें 29 दिसंबर को मुंबई पुलिस ने पैसों का फर्जीवाड़ा करने के जुर्म में गिरफ्तार किया है. आइए जानते हैं जेम्स बॉन्ड की एस्टन मॉर्टिन डीबी-8 से लेकर भारत की पहली स्पोर्ट्स कार डिजाइन करने वाले दिलीप छाबड़िया कौन हैं? (फोटोः गेटी)

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दिलीप छाबड़िया (Dileep Chhabria) दो दशक पहले कार मॉडिफिकेशन और कॉन्सेप्ट डिजाइन के मसीहा माने जाते थे. लेकिन उन्होंने कभी कार डिजाइनिंग के बारे में सोचा नहीं था. उन्होंने तो कॉमर्स में डिग्री ली थी. एक दिन किसी ऑटोमोबाइल मैगजीन पर नजर पड़ी तो उसमें कार डिजाइनिंग के कोर्स के बारे में लिखा था. फिर क्या था, उठाया झोला और चल पड़े अमेरिका के पासाडेना स्थित आर्ट सेंटर कॉलेज ऑफ डिजाइन में पढ़ाई करने. (फोटोः गेटी)

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ट्रांसपोर्टेशन डिजाइन में कोर्स पूरा करने के बाद उन्होंने कुछ समय तक जनरल मोटर्स के साथ काम किया. लेकिन ज्यादा समय वो जनरल मोटर्स में काम नहीं कर पाए. क्योंकि दिलीप का सपना कुछ और था. वो भारत लौट आए. क्योंकि दिलीप छाबड़िया (Dileep Chhabria) अपने समय से आगे का सोचते हैं. इसके बाद दिलीप ने अपने पिता से मदद मांगी ताकि अपना बिजनेस खड़ा कर सकें. (फोटोःडीसी डिजाइन/ट्विटर)

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दिलीप छाबड़िया (Dileep Chhabria) के पिता उस समय अच्छा कमा रहे थे. उनका इलेक्ट्रॉनिक का बिजनेस था. पिता ने दिलीप को अपने वर्कशॉप में एक छोटी सी जगह दी. साथ ही अपने तीन कर्मचारी एक महीने के लिए दिए. पिता ने कहा कि एक महीने में अपने आप को साबित करके दिखाओ नहीं तो ये सारी सुविधाएं वापस ले लूंगा. (फोटोःडीसी डिजाइन/ट्विटर)

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दिलीप छाबड़िया (Dileep Chhabria) ने एक महीने में वो कर दिखाया जो उनके पिता तो क्या किसी ने नहीं सोचा था. दिलीप ने प्रीमियर पद्मिनी कार का हॉर्न बदला. उस समय ये कार बहुत चलती थी. ये हॉर्न इतना मशहूर हुआ कि दिलीप ने एक महीने में इतनी कमाई कर ली, जितना उनके पिता साल भर में कमाते थे.  (फोटोःडीसी डिजाइन/ट्विटर)

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अब दिलीप छाबड़िया (Dileep Chhabria) के पास खुद का वर्कशॉप था. उनका अपना बिजनेस शुरू हो चुका था. साल 1992 में पहली बार दिलीप छाबड़िया (Dileep Chhabria) ने अपना डिजाइनिंग टैलेंट जिप्सी के मॉडल को बदल कर दिखाया था. इसके बाद उन्होंने अरमाडा को बदलकर आज के स्कॉर्पियो की तरह कर दिया था. (फोटोःडीसी डिजाइन/ट्विटर)

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साल 2002 में दिलीप छाबड़िया (Dileep Chhabria) को काइनेटिक इंजीनियरिंग लिमिटेड ने एक स्कूटर डिजाइन करने के लिए बुलाया. फिर साल 2006 में उन्होंने ईटीए स्टार ग्रुप के साथ मिलकर नई कंपनी बनाई डीसीस्टार. ये कंपनी दुबई में सेट की गई थी. साल 2009 में कोका-कोला कंपनी के लिए एक कॉन्सेप्ट कार बनाई ताकि कंपनी भारत में एक ड्रिंक प्रमोट कर सके. (फोटोः गेटी)

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साल 2011 में दिलीप छाबड़िया (Dileep Chhabria) ने महिंद्रा के लिए REVA इलेक्ट्रिक कार डिजाइन की. साल 2012 में एयर वर्क्स इंडिया ने छाबड़िया के साथ समझौता कर फ्लाइट का इंटीरियर डिजाइन करवाया. साल 2013 से 2014 तक दिलीप ने दो लग्जरी बस सर्विसेज की बसें डिजाइन की. इसके बाद उन्होंने भारत को उसकी पहली स्पोर्ट्स कार डिजाइन करके दी. (फोटोः इंडिया टुडे)

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दिलीप छाबड़िया (Dileep Chhabria) ने साल 2015 में भारत की पहली स्पोर्ट्स कार डीसी अवंती (DC Avanti) बनाकर दी. इसके अलावा साल 2003 में जेम्स बॉन्ड की फिल्म में एस्टन मार्टिन डीबी-8 को डिजाइन करके दिया. इसके अलावा इलेक्ट्रिक एंबेस्डर, टार्जन फिल्म की ड्राइवरलेस कार, माधुरी दीक्षित के लिए इनोवा क्रिस्टा, टोयोटा फॉर्च्यूनर, रेनो डस्टर आदि कारों का डिजाइन किया है.  (फोटोः इंडिया टुडे)

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