
ऑस्ट्रेलिया से एक अनोखा मामला सामने आया है. यहां एक महिला ने अपनी बेटी को उसी गर्भाशय से जन्म दिया, जिसमें रहकर वह खुद पैदा हुई थी. ये अजीब से बात सुनकर खोपड़ी घूम जाती है कि भला ये कैसे संभव है. तो हम आपको ये पूरा किस्सा सुनाते हैं.
हालत बिगड़ी तो निकालना पड़ा यूटेरस
दरअसल क्रिस्ट्री ब्रयांट (Kirsty Bryant) नाम की 30 साल की महिला ने जब अपने पहली बच्ची को जन्म दिया तो काफी परेशानी हुई. उसके शरीर से इतना खून बह चुका था कि वह लगभग 48 घंटों तक कोमा में रही. इसके साथ ही क्रिस्ट्री की जान बचाने के लिए डॉक्टरों को उसका यूटेरस (गर्भाशय) को निकालना पड़ा.
मां से पूछा- क्या आप मुझे अपना...
क्रिस्ट्री का यूटेरस निकाल दिया गया था और वह इस बात से बेहद दुखी थी क्योंकि वह और बच्चों को जन्म देना चाहती थी जो बिना गर्भाशय के संभव नहीं है. ऐसे में उसने अपनी 53 साल की मां मिशेल हेतन (Michelle Hayton) से पूछा- क्या आप मुझे अपना यूटेरस दान करेंगी? क्रिस्ट्री की मां ने अपनी बेटी के लिए तुरंत हां कर दिया और सिडनी के रॉयल अस्पताल में महिला के यूटेरस का ऐतिहासिक ट्रांसप्लांट किया गया. 11 घंटे की सर्जरी के बाद ये संभव हो सका.
जिस यूटेरस से जन्मी, उसे से दे सकती है अपने बच्चे को जन्म
अब अगर क्रिस्ट्री गर्भवती होती है तो ये अपने आप में अनोखा मामला होगा. क्योंकि ये इतिहास में पहली बार होगा कि कोई मां अपने बच्चे को उस गर्भाशय से जन्म देगी जिससे वह खुद पैदा हुई है. क्रिस्ट्री का ट्रांसप्लांट करने वाली डॉक्टर रेबेका डींस ने कहा कि ये मेरी जिंदगी का शानदार दिन था. ये निजी और पेशेवर दोनों ही तरह से मेरे लिए खास है. डॉक्टर ने कहा कि हालांकि ये सर्जरी बिल्कुल भी आसान नहीं थी क्योंकि क्रिस्ट्री को पहले ही बहुत ब्लड लॉस हो चुका था और इंफेक्शन की संभावना था. उसे स्ट्रांग दवाएं दी जा रही थीं.
दुनियाभर मेंं अब तक हुए केवल 90 यूटेरस ट्रांसप्लांट
स्वीडिश सर्जन प्रोफेसर मैट्स ब्रैनस्ट्रॉम ने 2012 में इस तरह के ऑपरेशन की शुरुआत की थे और ऑस्ट्रेलिया से पूरे ऑपरेशन का निरीक्षण किया गया था. अब तक के पहले ट्रांसप्लांट से दो बच्चों का जन्म हुआ और दुनिया भर में कुल 90 ट्रांसप्लांट के बाद 50 बच्चों का जन्म हुआ है.