
दुनिया घूमने वालों के लिए पैसे रुपये के अलावा भाषा एक बड़ा बैरियर होता है. किसी दूसरे देश की सीमा में घुसते ही भाषा बदल जाती है और अगर आप पूरी तैयारी के साथ ट्रैवल नहीं कर रहे तो मुसीबत तो होनी है. यानी आप किसी देश में हैं और आप वहां की भाषा नहीं समझते तो आपको होटल में चेकइन से लेकर खाना ऑर्डर करने और यहां तक कि किसी इमरजेंसी में मदद मांगने तक में बड़ी दिक्कत हो सकती है. लेकिन आपकी बात कोई न समझे इससे भी बड़ी मुसीबत तो तब हो जाती है जब कोई आपकी बात को गलत समझ ले.
ऑनलाइन ट्रांसलेशन ने की गड़बड़
अब पुर्तगाल गए अजरबैजान के एक रूसी स्पीकर के साथ भी कुछ ऐसा ही हुआ. ये सब इतना अजीब था कि शायद वो इसे जिंदगीभर न भूले. यहां वह लिस्बन के एक कैफे में पहुंचा. उसे अनार का जूस ऑर्डर करना था लेकिन वेटर को कैसे समझाता तो उसने एक लैग्वेज एप का यूज किया. उसने पोमग्रेनेट को पुर्तगाली में ट्रांसलेट किया. एप ने इसका गलत ट्रांसलेशन 'ग्रेनेट' दे दिया. जैसे ही शख्स ने वेटर के सामने ये शब्द बोला तभी बहुत बड़ी गड़बड़ी हो गई. वेटर को लगा कि ये बम से उड़ाने की धमकी दे रहा है. वेटर ने तेजी से जाकर पुलिस को फोन किया.
उठा कर ले गई पुलिस, छाना होटल रूम
यहां पांच पुलिस वाले पहुंचे और शख्स की गर्दन पकड़कर नीचे गिरा दिया और उसके हाथों में हथकड़ी लगा दी. इसके बाद उसे पास के पुलिस स्टेशन में ले जाकर उससे कड़ाई से पूछताछ की गई. साथ ही उसके पूरे होटल रूम की छानबीन की गई. लिस्बन की पुलिस ने पुर्तगाल एंटी टेरर कॉर्डिनेशन यूनिट से कंसल्ट किया और खुद का डेटाबेस भी चेक किया लेकिन शख्स के खिलाफ कुछ नहीं मिला. आखिरकार उन्हें जब पूरा माजरा समझ आया तो उन्होंने उसे छोड़ दिया.
भाषा बनी थी मुसीबत
एक लोकल न्यूज़पोर्टल ने बताया कि रूसी भाषा में अनार और ग्रेनेड के लिए शब्द एक जैसे हैं, लेकिन पुर्तगाली में, वे दो अलग-अलग शब्द हैं (रोमा का अर्थ अनार है और ग्रेनाडा का अर्थ ग्रेनेड है). कुल मिलाकर ये सारी गड़बड़ी लैंग्वेज एप के चलते हुई है.