
आपने 50 रुपये में या 100 रुपये में भरपेट खाने की थाली तो सुनी होगी, लेकिन अगर कहीं आपको भरपेट खाने को मिले और पैसा भी न देना पड़े तो कितना अच्छा लगेगा. केरल के अलप्पुझा जिले में एक ऐसा ही रेस्टोरेंट खुला है. इस रेस्टोरेंट में आप अपनी मर्जी से चाहे जितना खाइए, आपको पैसा भी अपनी मर्जी से ही चुकाना होगा. आप चाहें तो एक पैसा न दें.
इंडियन एक्सप्रेस के अनुसार, इस रेस्टोरेंट का नाम है 'जनकीय भक्षणशाला' (जनता भोजनालय) और इसका मोटो है- 'ईट ऐज मच ऐज यू वांट, गिव ऐज मच ऐज यू कैन', यानी जितना चाहें उतना खाएं, जितनी मर्जी उतना भुगतान करें.' रेस्टोरेंट के मालिक का कहना है कि वह भूख मुक्त राज्य बनाने के उद्देश्य से ऐसा कर रहे हैं. यह असल में केरल स्टेट फाइनेंशियल एंटरप्राइजेज के सीएसआर फंड से संचालित किया जा रहा है.
रेस्टोरेंट ने 3 मार्च से आम जनता के लिए एक तरह से मुफ्त खाने की सेवा शुरू की है. राज्य के वित्त मंत्री थॉमस इसाक ने इसके बारे में अपने एक फेसबुक पोस्ट में लिखा है, 'आपको यदि भूख लगी है तो यहां आएं और खाना खाएं. यहां के काउंटर पर बिल लेने वाला कोई कैशियर नहीं होगा. आपका अपना मन ही यहां के लिए कैशियर है. आप जो कुछ भी देना चाहते हैं, काउंटर पर रखे बॉक्स में डाल सकते हैं. जिन लोगों के पास पैसा नहीं है, वे भरपेट खाना खाने के बाद ऐसे ही जा सकते हैं.'
गौरतलब है कि अपने बजट स्पीच में वित्त मंत्री इसाक ने कहा था कि अलप्पुझा की भूख मुक्त परियोजना पूरे केरल में शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा कि राज्य में ऐसे लोग हैं जिनको एक टाइम का भोजन भी बड़ी मुश्किल से मयस्सर होता है.
अलप्पुझा-चेरथाला नेशनल हाईवे के पास स्थित इस रेस्टोरेंट में एक आधुनिक स्टीम किचेन है जिसमें 2,000 लोगों का भोजन तैयार किया जा सकता है. यह 11.25 लाख रुपये की लागत से स्थापित किया गया है. दो मंजिला इस भोजनालय में एक वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट भी है.