
भारत में जी20 की बैठकों का आयोजन खूब जोर शोर से हो रहा है. विदेशी मेहमान देश के विभिन्न राज्यों में हो रही बैठकों के लिए भारत आ रहे हैं. इस दौरान हर राज्य अपनी संस्कृति की झलक दिखाने के लिए पारंपरिक नृत्यों का आयोजन कर रहा है. मेहमानों को खाने में भी पारंपरिक व्यंजन ही परोसे जा रहे हैं.
कुछ जगह तो मेहमानों ने मेजबानी करने वाली जगह के पारंपरिक कपड़े तक पहने. ये हमें केरल के एक गांव में आयोजित बैठक में देखने को मिला. अन्य राज्यों में भी कुछ ऐसा ही रंगारंग नजारा दिखाई दिया है. बता दें, इस बार जी20 की अध्यक्षता भारत कर रहा है.
मेहमानों का स्वागत पूरी धूमधाम से हो रहा है. ऐसा स्वागत कि स्वदेश जाने के बाद भी ये भारत की झलक अपने दिल में सदा के लिए बसाकर जाएंगे.
नगालैंड के कोहिमा में कुछ ऐसा ही दिखा. यहां पारंपरिक संगीत और नृत्य के साथ विदेशी मेहमानों का स्वागत हुआ.
इन बैठकों में वित्तीय समेत सभी तरह के मुद्दों पर चर्चा हो रही है. इस खबर में हम जी20 के बीते हफ्ते का हाल जानेंगे. इस दौरान कौन सी बैठकें हुईं? कौन से बड़े मुद्दे सुर्खियों में रहे और इस हफ्ते कौन सी बैठकों का आयोजन हो रहा है या फिर होने वाला है.
वर्किंग ग्रुप्स के बीच होती है बैठकें
बता दें, 1999 में अस्तित्व में आया जी20 समूह जिन चैनलों पर काम करता है, उन्हीं के वर्किंग ग्रुप्स के बीच ये बैठक होती हैं. प्रमुख चैनल वित्तीय ट्रैक और शेरपा ट्रैक हैं. इसके अलावा इंगेजमेंट ग्रुप भी होता है. समूह की स्थापना एशियाई वित्तीय संकट के बाद हुई थी. यह वित्त मंत्रियों और केंद्रीय बैंक के गवर्नरों के लिए वैश्विक आर्थिक और वित्तीय मुद्दों पर चर्चा करने के लिए एक मंच है.
जी20 यानी ग्रुप ऑफ ट्वेंटी में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं.
बीते हफ्ते की बैठकें
शेरपा ट्रैक
इस हफ्ते हो रहीं जी20 की बैठकें-
शेरपा ट्रैक
वित्तीय ट्रैक
बीते हफ्ते की जी20 से जुड़ी खबरें-
त्रिपुरा के उज्जयंत पैलेस के दरबार हॉल में डिनर
3 अप्रैल को जी20 बैठक में शिरकत करने वाले प्रतिनिधियों के लिए त्रिपुरा के 122 साल पुराने उज्जयंत पैलेस के दरबार में डिनर का आयोजन किया गया था. इसे 2013 में संग्रहालय में बदल दिया गया था. डिनर में जी20 देशों, अंतरराष्ट्रीय संगठनों, नीति आयोग के 75 प्रतिनिधि आए. यहां बीते सोमवार को दो दिवसीय कार्यक्रम का आयोजन हुआ था.
वाराणसी के घाटों पर Logo वाली छतरियां
अब काशी के गंगा घाटों पर लगी पुरानी छतरियों की जगह जी20 के लोगो वाली नई छतरियां लगाई जा रही हैं. घाटों पर लाइटिंग का काम पूरा हो गया है और बिजली के खंभों को दुरुस्त किया जा रहा है. 17-19 अप्रैल के बीच जी20 देशों के वैज्ञानिक टिकाऊ खेती और खाद्य प्रणाली परिवर्तन के मुद्दे पर चर्चा करेंगे. ऐसी खबरें हैं कि विदेशी प्रतिनिधि विश्व प्रसिद्ध गंगा आरती भी देखेंगे.
दिल्ली में लगेंगे 20 लाख फूलों के पौधे
दिल्ली सरकार ने सितंबर में होने वाले सम्मेलन की तैयारियां करना अभी से शुरू कर दिया है. इसके लिए राजधानी में 20 लाख फूलों के पौधे लगाने का लक्ष्य रखा गया. इनमें से 12 लाख पौधे वन एवं वन्य जीव विभाग और बाकी अन्य एजेंसियां लगाएंगी. एक रिपोर्ट में वन विभाग के एक अधिकारी के हवाले से लिखा गया है कि फूलों की विभिन्न प्रजातियों वाले पौधों को बड़ी संख्या में लगाया जाएगा. इस पूरी कवायद को जुलाई के आखिर तक पूरा कर लिया जाएगा.
नगालैंड को 4500 करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्ताव
नगालैंड की सरकार को कोहिमा में आयोजित जी20 की बिजनेस20 (बी20) की बैठक के दौरान 4500 करोड़ रुपये से अधिक के व्यापार और निवेश प्रस्ताव मिले हैं. ये प्रस्ताव राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय दोनों ही प्रतिनिधियों से प्राप्त हुए हैं. इनमें से एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) था, जिस पर नगालैंड सरकार और निवेशकों के बीच अक्षय ऊर्जा में अगले 3 वर्षों में 1000 करोड़ रुपये के निवेश के लिए हस्ताक्षर हुए. वहीं, एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि बी2बी/बी2जी सेशन में जैव ईंधन में 1500 करोड़ रुपये के संभावित निवेश के साथ बिजनेस में रुचि देखी गई है.
विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया जी20 की मेजबानी का मकसद
भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने जी20 की मेजबानी के महत्व पर बात करते हुए कहा कि इसका मकसद भारत को दुनिया और दुनिया को भारत के लिए तैयार करना है. बेंगलुरू में युवाओं से मुखातिब होते हुए उन्होंने कहा कि जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने के लिए भारत ने न केवल समूह के सदस्यों से बल्कि दुनिया के उन 125 देशों से भी परामर्श किया है, जो इस समूह में शामिल नहीं हैं. इसके बाद भारत उन मुद्दों को सामने लेकर आया है, जो पूरी दुनिया के लिए जरूरी हैं.
उन्होंने ये भी कहा कि अमूमन देश जी20 बैठकें राजधानी या फिर 2-3 शहरों में ही करते हैं. लेकिन भारत ने विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 60 शहरों में बैठकें की हैं. इससे सरकार ने विदेश नीति का लोकतंत्रीकरण किया है. सरकार ये चाहती है कि देश का हर राज्य और शहर दुनिया के बारे में जागरुक हो. साथ ही दुनिया भी पूरे भारत से परिचित हो सके. विदेशी मेहमान हमारी विविधता, बहुलवाद, विभिन्न संस्कृतियों, व्यंजनों और कला के बारे में जान सकें.
जी20 चैनल और इंगेजमेंट ग्रुप
चैनल्स के वर्किंग ग्रुप्स-
वित्तीय ट्रैक के वर्किंग ग्रुप (G20 Finance Track)
फ्रेमवर्क वर्किंग ग्रुप (एफडब्ल्यूजी), इंटरनेशनल फाइनेंशियल आर्किटेक्चर (आईएफए), इन्फ्रास्ट्रक्चर वर्किंग ग्रुप (आईडब्ल्यूजी), सस्टेनेबल फाइनेंस वर्किंग ग्रुप (एसएफडब्ल्यूजी), वित्तीय समावेशन के लिए वैश्विक भागीदारी (जीपीएफआई), संयुक्त वित्त और स्वास्थ्य टास्क फोर्स, अंतर्राष्ट्रीय कराधान, वित्तीय क्षेत्र के मुद्दे.
शेरपा ट्रैक के वर्किंग ग्रुप (G20 Sherpa Track)
कृषि, भ्रष्टाचार-रोध, संस्कृति, डिजिटल अर्थव्यवस्था, आपदा जोखिम कम करना, विकास, शिक्षा, रोजगार, पर्यावरण और जलवायु स्थिरता.
इंगेजमेंट ग्रुप (G20 Engagement Groups)
बिजनेस20, सिविल20, श्रम20, संसद20, विज्ञान20, एसएआई20 (Supreme Audit Institutions), स्टार्टअप20, थिंक20, अर्बन20, वुमन20, यूथ20.