
इज़रायली प्रधानमंत्री बेन्यामिन नेतन्याहू ने आखिरकार अपना फैसला सुना दिया है. नेतन्याहू ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म X पर लिखा है, 'हम युद्ध में हैं.' घोषणा ठीक उस वक़्त हुई जब तेल अवीव सहित देश भर के अलग अलग शहरों और कस्बों में हमास की तरफ से 5,000 से अधिक रॉकेट लॉन्च किए गए. फिलहाल हालात कैसे हैं? इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पूरे देश में मिसाइलों की बरसात हो रही है, जिस कारण यरुशलम सहित इज़रायल के तमाम प्रमुख शहरो में आपातकालीन सायरन बज रहे हैं.बंदूकधारियों ने दोनों देशों को अलग करने वाले कांटेदार तारों की बाड़ के एक हिस्से को ढहाने के बाद देश पर धावा बोल दिया.
इंटरनेट पर तमाम वीडियो वायरल हुए हैं, जिनमें हमास के लड़ाके पैराशूट लैंडिंग कर रहे हैं. बताया जा रहा है कि, सीमा के आसपास के इलाकों में पुलिस और हमास के सदस्यों के बीच सड़क पर झड़पें लगातार जारी हैं. इस खूनी खेल में हमास के लड़ाकों की तरफ से की जा रही बर्बरता की तमाम तस्वीरें सामने आई हैं, जिन्होंने पूरे इंटरनेट पर इस बहस को तेज कर दिया है कि क्या ये तीसरे विश्व युद्ध की शुरुआत है?
जवाब कुछ भी हो सकते हैं लेकिन उससे पहले हमें उस भविष्यवाणी पर गौर करना होगा जिसका जिक्र अपनी पुस्तक लेस प्रोफेटीज़ में नास्त्रेदमस ने किया था. जी हां, सही सुना आपने. इजरायल द्वारा युद्ध की घोषणा के बाद फ्रांसीसी दार्शनिक नास्त्रेदमस की एक डरावनी भविष्यवाणी शायद सच हो गई है. मिशेल डी नास्त्रेदमस ने कहा था कि इस साल (2023 में) एक 'बड़ा युद्ध' होगा.
ध्यान रहे नास्त्रेदमस ने जर्मनी में एडोल्फ हिटलर के उदय से लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी को गोली मारे जाने तक और 2022 में जीवनयापन के संकट तक पिछले 100 वर्षों की कई ऐसी भविष्यवाणियां की थीं, जो सही साबित हुई हैं.
अब से 450 साल पहले अपनी किताब में नास्त्रेदमस ने 2023 का जिक्र करते हुए लिखा था,'सात महीने का बड़ा युद्ध होगा, जिसमें अपने बुरे कामों से लोग मरेंगे और रूएन,एवरेक्स राजा के अधीन नहीं होंगे.
गौरतलब है कि 70 के आसपास इज़रायली नागरिकों और आईडीएफ सैनिकों को कथित तौर पर बंदी बना लिया गया है, जिनमें से कई लोगों की हमास ने बेरहमी से हत्या कर दी है. वहीं तमाम लोग ऐसे भी हैं जो इस संघर्ष में गंभीर रूप से घायल हुए हैं. हमास के वरिष्ठ सैन्य कमांडर मोहम्मद देइफ़ ने हमास का समर्थन करने वाले मीडिया चैनलों पर फ़लस्तीनियों से 'ऑपरेशन अल-अक्सा स्टॉर्म' में शामिल होने का आह्वान किया है.
उन्होंने कहा, 'यह पृथ्वी पर आखिरी कब्जे के अंत की सबसे बड़ी लड़ाई का दिन है, देइफ़ ने लोगों से कहा है कि वो अपने हक़ के लिए आगे आएं और अपनी जमीन के लिए अपने खून का आखिरी कतरा तक बहा दें.
इजरायल और फलस्तीन के बीच का ये गतिरोध और क्या रंग दिखाता है? और कितनी बर्बरता होती है? कितनी जानें जाती हैं? इन तमाम सवालों के जवाब वक़्त देगा लेकिन जो भविष्यवाणी नास्त्रेदमस की तरफ से हुई है, उसे इसलिए भी ख़ारिज नहीं किया जा सकता क्योंकि पहले ही उनके द्वारा कही तमाम चीजें सही साबित हो चुकी हैं. कुल मिलाकर कहा यही जाएगा कि यदि कल की तारीख में हम अन्य मुल्कों को भी इस जंग में इजरायल और फलस्तीन के नाम पर एक दूसरे से लड़ते देखें तो हमें हैरत बिलकुल नहीं होनी चाहिए.