
ये कहानी एक ऐसे शख्स की है, जिसकी सूरत से सबसे पहले उसके माता-पिता ने ही नफरत की. उसे पैदा होने के 36 घंटे बाद वो छोड़कर चले गए. इसके बाद उसने जितना संघर्ष किया, उस बारे में सुनकर हर कोई सन्न रह जाता है. इनका नाम जोनो लंकास्कर है. उन्होंने बताया कि माता-पिता द्वारा छोड़े जाने के बाद उन्हें कैसा महसूस हुआ.
बीबीसी की रिपोर्ट के अनुसार, जोनो का कहना है कि एक दिन वो बैठकर कुछ नोट्स पढ़ रहे थे. इनमें लिखा था कि उन्हें जन्म देने वाले उनके माता-पिता उनका रंग रूप देखकर बेहद निराश थे. जोनो को जन्म के 36 घंटे बाद ही छोड़ दिया गया. ये सब जानकर काफी दुख पहुंचा.
पांच साल की उम्र में किसी ने गोद दिया
जोनो को पांच साल की उम्र में एक महिला ने गोद लिया और उनकी परवरिश की. हालांकि जीवन में और भी कई चुनौतियां उनका इंतजार कर रही थीं. दूसरों से अलग दिखने के चलते वो हमेशा नजरअंदाज किए गए. जब बडे़ हुए और पता चला कि माता-पिता कौन हैं, तो उन्होंने बाकायदा चिट्ठी लिखकर उनसे मिलने की इच्छा जाहिर की. लेकिन उन्होंने एक बार फिर जोनो को ठुकरा दिया.
वह ट्रीचर कॉलिंग नामक बीमारी के साथ पैदा हुए थे. जिससे उनके चेहरे और उसके रंग रूप पर काफी असर हुआ. जब वो दो हफ्ते के ही थे, तभी उनकी मुलाकात जीन से हुई. अब वही उनकी मां बन गई थीं. पांच साल की उम्र में जोनो को जीन ने गोद लिया. उनका कहना है कि उनके पास हाई स्कूल की काफी यादें हैं लेकिन सच्चाई ये है कि वो बस अपनी जगह बनाने की कोशिश कर रहे थे. बच्चे अपनी आंखें नीची करके गाना गाने लगते और उनके बारे में बातें करने लगते थे.
खुद से करने लगे थे नफरत
जोनो कहते हैं कि बड़ा होने पर उन्हें भी अपने चेहरे से नफरत होने लगी. क्योंकि उनके साथ वाले लोग रिलेशनशिप में आ रहे थे. मगर जोनो के साथ ऐसा नहीं हो रहा था. उन्हें जितना बुरा लग रहा था, वो लोगों को उतनी ही चोट पहुंचाना चाहते थे. असली माता-पिता के बारे में सोचते ही गुस्सा आ जाता. लगता मानो किसी अंधेरे में हैं.
उन्होंने बताया कि वो अपने माता-पिता से मिलना चाहते थे. इसके लिए उन्होंने एक चिट्ठी भी लिखी. जिसका जवाब कुछ हफ्ते बाद आया और उसमें लिखा था, 'हम कोई संपर्क नहीं रखना चाहते हैं. आगे से ऐसे प्रयासों को नजरअंदाज कर दिया जाएगा.' एक बार फिर से माता-पिता द्वारा ठुकराए जाने से जोनो को दुख हुआ.
पल भर में कैसे बदली जोनो की सोच?
हालांकि उनकी सोच उस वक्त पूरी तरह बदल गई, जब उन्हें कुछ साल पहले एक स्कूल में भाषण देने के लिए बुलाया गया. उनके पास कुछ बच्चे दौड़कर आए. ये वही सब झेल रहे थे, जो जोनो ने झेला है. बच्चों ने कहा कि उन्हें अपने माता-पिता के बारे में नहीं पता है. और लोग चिढाते भी हैं.
उस वक्त जोनो को एहसास हुआ कि उन्हें बच्चों के साथ इसी तरह और काम करना है. अभी वो अपनी किताब 'नॉट ऑल हीरोज वियर केप्स' पर काम कर रहे हैं. ये उन हीरोज के बारे में है, जिनसे जोनो अपने जीवन में मिले हैं. इसमें उन्होंने ये भी बताया है कि वह अपने लिए इतने बड़े नायक कैसे बने. उनका कहना है कि उन्हें अपनी जिंदगी में काफी प्यार मिला है. लेकिन इसके साथ ही उनकी जिंदगी बेहद रोमांचक भी रही है.