
भारत में ऐसी धारणा है कि चाहे कितना भी कमा लो माता पिता की कुछ न कुछ उम्मीद रह ही जाती हैं. यानी अगर आप बहुत बड़ी कंपनी में अच्छी खासी सैलरी पर काम कर रहे हैं तब भी कई बार माता पिता कहते हैं कि सरकारी नौकरी होती तो अच्छा होता. कोई सरकारी विभाग में नौकरी कर रहा हो तो माता पिता कहते हैं- बीएड कर लेता तो टीचर लग जाता , समय से घर आता.
कुल मिलाकर बच्चा कुछ भी कर ले लेकिन भारतीय माता पिता की नजर में बेहतर की गुंजाइश रहती है. हाल में गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई के पोस्ट से एक बार फिर यही बहस छिड़ गई है और उनके पोस्ट पर एक से एक मजेदार कमेंट आ रहे हैं.
दरअसल, पिचाई ने हाल में अपने इंस्टाग्राम पर दो तस्वीरें पोस्ट की जिसमें वे आईआईटी खड़गपुर से डॉक्ट्रेट की डिग्री ले रहे हैं. इसके कैप्शन में उन्होंने लिखा है- 'पिछले सप्ताह मैंने अपने अल्मा मेटर आईआईटी खड़गपुर से डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त की. मेरे माता-पिता की हमेशा से ये इच्छा थी कि मुझे डॉक्टरेट की उपाधि मिले, मुझे लगता है कि ये काफी मायने रखती है.
उन्होंने आगे लिखा- आईआईटी में एजुकेशन और टेक्नोल़ॉजी तक पहुंच ने मुझे Google की राह पर ला दिया और अधिक लोगों को टेक्नोलॉजी तक पहुंचने में मदद की. टेक्नोलॉजी में आईआईटी की भूमिका AI रिव्ल्यूशन के साथ ही और भी महत्वपूर्ण हो जाएगी, और मैं वहां बिताए गए समय के लिए हमेशा आभारी रहूंगा.'
पिचाई का ये पोस्ट था कि लोगों ने बधाई की झड़ी लगा दी. हालांकि कुछ लोग ऐसे भी थे जो मजेदार कमेंट कर रहे थे. एक यूजर ने लिखा- अब से हम आपको 'डॉक्टर गूगल' बुलाना शुरू करें क्या?. एक यूजर ने पिचाई के कैप्शन पर कमेंट करते हुए लिखा- 'भाई गूगल के सीईओ बन गए लेकिन मां बाप खुश न हुए.' एक ने मजे लेते हुए लिखा- 'ये पेरेंट्स का दिल मांगे मोर.' एक शख्स ने लिखा- 'ये सारे एशियन पेरेंट्स का सपना होता है.' एक ने कहा- आपके कॉलेज को भी आप पर गर्व होगा.