
वो स्त्री है कुछ भी कर सकती है... इस कहावत को यशोदा लोधी ने सच साबित करके दिखाया है. उन्होंने काफी गरीबी का सामना किया. घर में ठीक से खाने को भी नहीं था. परिवार पर कर्ज का बोझ था. लेकिन अब वो घर बैठे सरकारी नौकरी वालों से ज्यादा पैसा कमा लेती हैं. उन्हें देखकर शायद ही कोई अंदाजा लगा पाए कि वो किस टैलेंट के बूते अपनी कमाई कर रही हैं.
यशोदा का कहना है, 'माथे पर बिंदी, सिर पर पल्लू, बदन पर साड़ी... यही सोच रहे हो न कि अगर कोई लड़की ऐसी है, कोई और ऐसी है, तो वो पक्का गंवार ही होगी. उसे कुछ आता नहीं होगा. वो कुछ कर ही नहीं सकती. लेकिन आप यहां अलग हैं.' उनका कहना है कि जो महिला ऐसे रहती है, वो पढ़ी लिखी भी होती है. वो इस देश पर शासन कर सकती है और दूसरों को भी प्रेरित कर सकती है.
उत्तर प्रदेश के गांव से हैं यशोदा
यशोदा लोधी ने एक वीडियो में अपनी कहानी बताई है. उन्हें देहाती मैडम के नाम से भी जाना जाता है. वो यूट्यूब पर अपने चैनल के जरिए लोगों को अंग्रेजी बोलना सिखाती हैं. वो स्पोकन इंग्लिश या इंग्लिश स्पीकिंग से जुड़ी टिप्स देती हैं. वह उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के एक छोटे से गांव से हैं. यशोदा एक गरीब परिवार से थीं. माता-पिता को बेटी नहीं चाहिए थी, तो उन्हें उनके बुआ-फूफा के पास भेज दिया. उन्होंने ही उन्हें पाल पोसकर बड़ा किया और पढ़ाया लिखाया.
हिंदी मीडियम स्कूल से 12वीं करने के बाद यशोदा ने ट्यूशन पढ़ाना शुरू कर दिया. कौशांबी जिले में ही ग्रेजुएशन के लिए दाखिला लिया. इसी दौरान वो अपने पति से मिलीं. परिवार शादी के लिए नहीं माना. फूफा काफी बूढ़े हो चुके थे. उनके छोटे भाई ने संपत्ति के लालच में यशोदा को घर से निकाल दिया. उन्हें कलंक बोलकर बदनामी करने वाला बताया. क्योंकि वो एक शख्स से प्यार करती थीं और उससे शादी करना चाहती थीं. यशोदा को उनके माता-पिता के पास वापस भेज दिया गया. लेकिन माता-पिता और भाई बहन में से कोई बात तक नहीं करता था.
बचपन से धुतकार मिलने के बाद हार मानी
यशोदा की मां ने भी उन्हें ताने मारे. बचपन से दुत्कार मिलने के कारण वो हार चुकी थीं. फिर उन्होंने अपनी जिंदगी के फैसले खुद से लेने का फैसला लिया. उन्होंने शादी कर ली. लेकिन ससुराल वालों ने भी स्वीकार नहीं किया. दोनों पति पत्नी ने अपनी अलग दुनिया शुरू की. यशोदा के पति 8वीं पास हैं और दिहाड़ी मजदूरी का काम करते थे. शादी के 2 साल बाद 2019 में उनका एक्सिडेंट हो गया. पति का पैर ट्रैक्टर के नीचे आ गया था. अब वो काम पर नहीं जा सकते थे. उस वक्त उन्हें पैसे की अहमियत पता चली.
नवंबर 2021 में यशोदा ने पहला मोबाइल फोन खरीदा और इसी से वीडियो बनाना शुरू कर दिया. उन्होंने मोटिवेशनल वीडियो देखे. उन्हें मोटिवेशनल स्पीकर संदीप महेश्वरी के वीडियो से प्रेरणा मिली कि एक औरत घर बैठे कैसे पैसा कमा सकती है. लेकिन यशोदा टेक्नोलॉजी नहीं जानती थीं. उन्होंने सब कुछ सीखा. अब उन्होंने परिवार की मदद करने, कर्ज को खत्म करने और गांव की महिलाओं को प्रेरित करने की ठानी.
अंग्रेजी सीखना-सिखाना शुरू दिया
उन्होंने अंग्रेजी सीखना शुरू कर दिया. उन्होंने दूसरों को सिखाने के लिए भी यूट्यूब पर चैनल खोला. उनका कहना है कि उन्होंने सुनने और बोलने से ही अंग्रेजी सीखी है. जबकि लोग हमेशा ग्रामर की बात करते हैं. उनका कहना है कि ग्रामर तो आती थी, क्योंकि बचपन में सबको पढ़ाया जाता है. फिर स्पीकिंग से प्रैक्टिस की. इससे उन्हें इतना कॉन्फिडेंस आ गया कि वो कुछ कर सकती हैं.
इसके बाद यशोदा सबसे छिपकर रात के ढाई बजे गली की लाइट का ब्लब लातीं और कार्डबोर्ड लगाकर पूरा इंतजाम करतीं. उन्होंने घर बैठे वीडियो बनाना शुरू कर दिया. 26 दिसंबर, 2022 को चैनल पर अपना पहला वीडियो डाला. इसमें उन्होंने रोज इस्तेमाल होने वाले सेंटेंस बताए.जो ज्यादा नहीं चले. बाद में कुछ और वीडियो डाले लेकिन वो भी नहीं चले.
अचानक से वायरल हो गया वीडियो
अब 3 से 4 वीडियो के बाद थोड़ा बदलाव किया और स्पीकिंग के वीडियो अपलोड करने शुरू कर दिए. उन्हें एहसास हुआ कि उन्हें सिखाने से ज्यादा सीखने की जरूरत है. उन्होंने यूट्यूब को सीखने का माध्यम बना लिया. उनका पहला वायरल वीडियो आलू के खेत में बनाया गया था. इसमें उन्होंने 'अंग्रेजी बोलेने के डर से कैसे निकलें' इस बारे में बताया था. उन्हें 10 दिन बाद पता चला कि उनका वीडियो वायरल हो गया है. लोग उन्हें देहाती मैडम बोलने लगे.
यशोदा ने बताया कि उन्होंने अपनी पहली कमाई सास ससुर के हाथों में रखी. तब खुशी से उनके आंसू छलक उठे. उस दिन उन्हें पैसे की ताकत के बारे में पता चला. ये भी पता चला कि एक लड़की क्या कर सकती है. उन्होंने कहा कि एक समय था जब पति महज 300 रुपये कमाते थे. और घर का खर्च मुश्किल से चलता था. क्योंकि परिवार में 7 से 8 लोग थे.
सरकारी नौकरी वालों से ज्यादा है कमाई
उनका कहना है, 'आज अगर मैं वो कदम न उठाती तो आज मैं जितने पैसे कमाती हूं न... मैं कभी सोच भी नहीं सकती थी. मेरे गांव में जो सरकारी नौकरी करने वाला है, वो भी इतना कमा नहीं पाता है. 70 से 80 हजार रुपये हर महीने कमा लेती हूं. जो सफर 0 सब्सक्राइबर्स से शुरू किया था, आज वो मुकाम 1 लाख 40 हजार सब्सक्राइबर तक होने वाला है.'