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क्यों टैक्सी ड्राइवर की नौकरी करने पर मजबूर हुए थे व्लादिमीर पुतिन?

खुद राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा है कि सोवियत संघ (Soviet Union) के विघटन के बाद उन्हें टैक्सी तक चलानी (Putin Drive Taxi) पड़ी थी.

File Photo: Vladimir Putin/Getty File Photo: Vladimir Putin/Getty
aajtak.in
  • नई दिल्ली ,
  • 13 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 3:46 PM IST
  • रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का खुलासा
  • कभी टैक्सी ड्राइवर का काम किया था
  • सोवियत संघ की टूट का किया जिक्र

दुनिया के सबसे ताकतवर नेताओं में शुमार रूसी (Russia) राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन (Vladimir Putin) ने कभी अपनी खराब आर्थिक हालत के चलते टैक्सी तक चलाई थी. खुद पुतिन ने इस बात का खुलासा करते हुए कहा है कि सोवियत संघ (Soviet Union) के विघटन के बाद खर्च चलाने के लिए उन्हें टैक्सी तक चलानी (Putin Drive Taxi) पड़ी थी. 

एक डॉक्यूमेंट्री में राष्ट्रपति पुतिन (Russian President Vladimir Putin) ने अपने संघर्ष के दिनों का जिक्र करते हुए बताया कि उन्होंने सोवियत संघ के पतन के बाद अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए एक टैक्सी ड्राइवर के रूप में भी काम किया था. 

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बकौल पुतिन, "कभी-कभी मुझे अतिरिक्त पैसे कमाने पड़ते थे. ईमानदारी से कहूं तो इस बारे में बात करना कोई सुखद तो नहीं है लेकिन दुर्भाग्य से यही सच है."

बता दें कि सोवियत संघ के पतन ने देश भर में आर्थिक कठिनाई पैदा कर दी थी, जिससे कई रूसियों को जीविकोपार्जन के लिए नए और वैकल्पिक तरीकों की तलाश करने के लिए मजबूर होना पड़ा. डॉक्यूमेंट्री में पुतिन ने सोवियत संघ के विघटन को ऐतिहासिक रूस के पतन के रूप में वर्णित किया है. 

रूस-यूक्रेन विवाद के बीच पुतिन की टिप्पणी

गौरतलब है कि पुतिन की यह टिप्पणी रूस और यूक्रेन (Russia Ukraine Conflict) के बीच जारी टकराव के बीच आई है. ऐसे में उनकी यह टिप्पणी यूक्रेन के प्रति उनके इरादे के बारे में और अटकलों को हवा दे सकती है. यूक्रेन (Ukraine) कभी सोवियत संघ का ही हिस्सा हुआ करता था.

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पिछले कुछ समय से रूस ने यूक्रेन की सीमा पर करीब एक लाख सैनिक तैनात कर रखे हैं. इसी के चलते अमेरिका समेत कई पश्चिमी देशों ने आशंका जताई है कि रूस यूक्रेन पर हमला कर सकता है. पश्चिमी मुल्कों ने इसको लेकर रूस को चेतावनी भी है, जिससे रूस और पश्चिमी देशों में भी तनातनी बढ़ी है.

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