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महिला ने किया जीवित मां का अंतिम संस्कार, वजह ऐसी कि पकड़ लेंगे माथा

इस महिला ने अपनी जीवित मां का अंतिम संस्कार कराया है. महिला की उम्र 56 साल है और उसकी मां की उम्र 85 साल. उसे ये एहसास हुआ कि उसकी मां हमेशा साथ नहीं रहेगी.

बेटी ने जीवित मां का अंतिम संस्कार कराया (प्रतीकात्मक तस्वीर- Pexels) बेटी ने जीवित मां का अंतिम संस्कार कराया (प्रतीकात्मक तस्वीर- Pexels)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 08 जून 2023,
  • अपडेटेड 1:41 PM IST

ये बात सुनने में अजीब लग रही होगी, लेकिन सच है. एक महिला ने अपनी सेहतमंद मां का उनके जीवित रहते ही अंतिम संस्कार करा दिया. इसमें सभी रीति रिवाज किए गए, जैसे सर्विस, रीडिंग और प्रेयर. इसके पीछे की वजह ऐसी है, जो कुछ लोगों को ठीक लग सकती है, जबकि कुछ को नहीं. 56 साल की ऐन-मैरी वोगंसन ने हाल में ही अपनी करीबी दोस्त को खो दिया था. तब ऐन को एहसास हुआ कि उनकी 85 साल की मां मिले मिलार्ड ताउम्र उनके साथ नहीं रहेंगी.

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मिरर यूके की रिपोर्ट के अनुसार, ऐसे में ऐन ये सुनिश्चित करना चाहती थीं कि उनकी मां जीते जी ये जान सकें कि वो उनसे कितना प्यार करती हैं. ब्रिटेन में रहने वाली ऐन ने इसके बाद अपनी मां के लिए अंतिम संस्कार का आयोजन किया. ऐन के परिवार में उनके 62 साल के पति मार्क फुरलोग और दो बच्चे हैं. उनका कहना है, 'हमने अपने परिवार के साथ इतना वक्त नहीं बिताया कि उन्हें ठीक से जान सकें और एक दूसरे को सेलिब्रेट कर सकें. ये दिन मां के सेलिब्रेशन के लिए था.'

दोस्त को खोने के बाद लिया फैसला

उन्होंने कहा, 'हमें पता है कि जब वो समय आएगा जब मेरी मां हमारे साथ नहीं होंगी, जब वो सुन नहीं पाएंगी कि हमने उनकी कितनी सराहना की.' ऐन का कहना है कि वो आगे चलकर जीवित लोगों का अंतिम संस्कार कराने का बिजनेस भी शुरू करना चाहती हैं. उन्हें ये आइडिया जनवरी, 2023 में अपने दोस्त के अंतिम संस्कार के बाद आया था. वह कहती हैं, 'मैंने हाल में ही क्रिसमस से पहले एक दोस्त को खोया है. और सब बहुत जल्दी जल्दी हो गया. उसे बेहद गंभीर कैंसर था और तीन हफ्ते में ही वो चली गई.' 

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मां के बारे में सब जानना था
 
उन्होंने कहा, 'मैं उनके बारे में सब कुछ जानना चाहती थी, जो भी उनके साथ हुआ. वो हर छोटी चीज, जिसने हमें वो बनाया जो हम हैं. जैसे उनका पहला बॉयफ्रेंड कौन था और सबसे खराब हेयरकट उन्होंने कौन सा कराया था. रोजमर्रा की जिंदगी में, आप इन सवालों के जवाब नहीं जान पाते हैं ना ही अलविदा कह पाते हैं. इससे मुझे जिंदगी की नाजुकता का एहसास हुआ है.' ऐन बीते छह महीने से स्थानीय कब्रिस्तान में कई अंतिम संस्कार में जा चुकी हैं और तभी से अपनी मां से उनके अंतिम संस्कार की योजनाओं पर बात कर रही हैं. 

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