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ट्रंप की नई टीम में निकी हेली को नहीं मिलेगी जगह, पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पियो भी रहेंगे बाहर

साउथ कैरोलिना की पूर्व गवर्नर हेली ने इस साल रिपब्लिकन प्राइमरी में ट्रंप के खिलाफ चुनाव लड़ा था. इस दौरान उन्हें वॉल स्ट्रीट के अरबपतियों का जमकर समर्थन मिला था जबकि ट्रंप के समर्थकों को सपोर्ट हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था.

नई सरकार में शामिल नहीं होंगी निकी हेली नई सरकार में शामिल नहीं होंगी निकी हेली
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 10 नवंबर 2024,
  • अपडेटेड 7:15 AM IST

अमेरिका के नव-निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वह संयुक्त राष्ट्र में अमेरिकी की पूर्व राजदूत निक्की हेली या पूर्व विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ को अपनी नई सरकार में शामिल होने के लिए आमंत्रित नहीं करेंगे.

उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट ट्रुथ पर लिखी एक पोस्ट में कहा, " वह दोनों मेरे साथ पहले बेहतरीन काम कर चुके हैं. हमारे देश के प्रति उन्होंने जो सेवा की है उसके लिए मैं उन्हें धन्यवाद देना चाहूंगा."

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प्राइमरी में ट्रंप के खिलाफ चुनाव लड़ चुकी हैं हेली

साउथ कैरोलिना की पूर्व गवर्नर हेली ने इस साल रिपब्लिकन प्राइमरी में ट्रंप के खिलाफ चुनाव लड़ा था. इस दौरान उन्हें वॉल स्ट्रीट के अरबपतियों का जमकर समर्थन मिला था जबकि ट्रंप के समर्थकों को सपोर्ट हासिल करने के लिए काफी संघर्ष करना पड़ा था.

केन ग्रिफिन से लेकर कोच ग्रुप और अलास्का की सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की तक, वॉल स्ट्रीट और वाशिंगटन के हाई-प्रोफ़ाइल कंजरवेटिव्स ट्रम्प के प्रतिशोधी रवैये और उनके पहले कार्यकाल की अस्थिरता से नाराज थे. ये सभी यह शर्त लगाने को तैयार थे कि हेली लगातार तीसरी बार नामांकन के लिए उनकी राह में बाधा बन सकती है.

यह भी पढ़ें: US Primary: डोनाल्ड ट्रंप की धमाकेदार जीत, निकी हेली को उनके गृहराज्य साउथ कैरोलिना में दी शिकस्त

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माइक पोम्पियो रह चुके हैं विदेश मंत्री

ट्रंप के वफादार माइक पोम्पियो माइक ट्रंप के पिछले कार्यकाल के दौरान सेंट्रल इंटेलिजेंस एजेंसी (सीआईए) के निदेशक और विदेश मंत्री रह चुके हैं. विदेश मंत्री के लिए जिन नामों की चर्चा हो रही है, उनमें जर्मनी में ट्रंप के पूर्व राजदूत रिक ग्रेनेल और पूर्व ट्रेजरी प्रमुख स्टीवन मनुचिन शामिल हैं.

ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी सरकार पर पूरा नियंत्रण हासिल करने की दिशा में आगे बढ़ रही है जिसने व्हाइट हाउस और सीनेट में जीत हासिल की है, जबकि प्रतिनिधि सभा की दौड़ में भी वह आगे है. इसका मतलब है कि 4,000 सरकारी पदों के लिए ट्रम्प के नामांकित व्यक्ति, जिनमें दो दर्जन से अधिक कैबिनेट अधिकारी शामिल हैं, सीनेट में शामिल हो सकते हैं. 

13 नवंबर से शुरू होगी सत्ता ट्रांसफर की प्रक्रिया

ट्रम्प ने हाल ही में घोषणा की थी कि फ्लोरिडा की रिपब्लिकन कार्यकर्ता सूसी विल्स उनकी चीफ ऑफ स्टाफ होंगी. विल्स को ट्रम्प ने "आइस बेबी" कहते हुए कहा था कि "वे पृष्ठभूमि में रहना पसंद करती हैं." वह नई सरकार में एक अहम पद पाने वाली पहली महिला हैं., जबकि वाशिंगटन में कैबिनेट पदों के लिए पार्टी के वफादारों में काफी कंपटीशन था.

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आपको बता दें कि  राष्ट्रपति जो बाइडेन चुनाव के बाद की पहली बैठक के लिए 13 नवंबर को व्हाइट हाउस में ट्रम्प की मेजबानी करेंगे. इस दौरान अमेरिका में सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी जो जनवरी में पूरी होगी. व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरिन जीन-पियरे ने शनिवार को एक बयान में कहा कि वह बाईडेन के निमंत्रण पर सुबह 11 बजे ओवल ऑफिस में एकत्रित होंगे. 

आपको बता दें कि अमेरिका में कुल 538 इलेक्टोरल कॉलेज वोट हैं. वोटों की गिनती अब भी जारी है. इनमें से डोनाल्ड ट्रंप 295 इलेक्टोरल वोट जीतकर बहुमत का आंकड़ा पार कर चुके हैं, जबकि कमला हैरिस 226 इलेक्टोरल वोट के साथ उनसे काफी पीछे हैं. बहुमत के लिए एक उम्मीदवार को 270 इलेक्टोरल वोट जीतने जरूरी होते हैं.

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