
डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. रिपब्लिकन पार्टी से चुनाव लड़ने वाले ट्रंप ने अपनी प्रतिद्वंद्वी कमला हैरिस (Kamala Harris) को हरा दिया है. खुद कमला ने अपनी हार स्वीकार कर ली है. ट्रंप की जीत की चर्चा पूरी दुनिया में है. इजरायल और रूस सहित कुछ देश ट्रंप की जीत से खुश हैं तो वहीं ईरान और यूक्रेन जैसे देशों में मायूसी है.
भारत से भी डोनाल्ड ट्रंप की जीत पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं आ रही हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन पर ट्रंप को जीत की बधाई दी है. उन्होंने ट्रंप के साथ अपनी कई फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर की हैं. इन रिएक्शंस के बीच भारत की रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (Republican Party Of India) के चीफ और केंद्रीय मंत्री रामदास अठावले ने भी ट्रंप की जीत को लेकर बयान दिया है. अठावले की पार्टी का नाम भी ट्रंप की पार्टी से मिलता-जुलता होने के कारण वह काफी उत्साहित हैं. अठावले ने ट्रंप को जीत की बधाई दी है.
भारत-अमेरिका के संबंध होंगे मजबूत
अपनी खुशी का इजहार करते हुए अठावले ने कहा,'डोनाल्ड ट्रंप रिपब्लिकन पार्टी से हैं. मेरी पार्टी का नाम भी रिपब्लिकन पार्टी है. डोनाल्ड ट्रंप डेशिंग नेता हैं. चाहे मुस्लिम हों या दलित उन्हें अमेरिका में हिंदू समाज के साथ-साथ पूरे भारतीयों का वोट मिला है. ट्रंप के राष्ट्रपति बनने की मुझे खुशी है. उनके जीतने से भारत और अमेरिका के संबंध और बेहतर होंगे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी बॉन्डिंग बहुत अच्छी है.'
अठावले ने व्यक्त किया ट्रंप का आभार
बांग्लादेश में हिंदुओं पर हुए हमले का जिक्र करते हुए रामदास अठावले ने कहा,'बांग्लादेश में जब हिंदुओं पर हमले हुए तो उन्होंने (ट्रंप ने) उसका विरोध किया. अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों की सुरक्षा करने की जिम्मेदारी ट्रंप ने ली है. उनको (हिंदुओं) पूरा सपोर्ट करने में ट्रंप की भूमिका है. इसलिए में ट्रंप का आभार व्यक्त करता हूं.'
कमला हैरिस को लेकर कही ये बात
हालांकि, रामदास अठावले ने भारतीय मूल की डेमोक्रेट उम्मीदवार कमला हैरिस के चुनाव हारने पर दुख भी जाहिर किया. अठावले ने कहा,'कमला हैरिस हार गईं इसका भी हमें दुख है. अगर वह चुनकर आतीं तो भी अच्छा होता, क्योंकि वह भारत की मूल निवासी हैं.'