
मेरठ के मीट कारोबारी मोहसिन मोहम्मद को दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा ने धोखाधड़ी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया है. यह मामला बैंक धोखाधड़ी और संपत्ति की अवैध बिक्री से जुड़ा हुआ है, जिसमें आरोपी ने कई बैंकों से करोड़ों का लोन लेकर उन्हें चुकाने के बजाय विभिन्न अनियमितताओं को अंजाम दिया.
मोहसिन मोहम्मद, जो मात्र दसवीं पास है, M.K. Overseas Pvt. Ltd. का निदेशक था. यह कंपनी एक समय भारत के सबसे बड़े मांस निर्यातकों में से एक थी, लेकिन वर्तमान में परिसमापन (liquidation) की प्रक्रिया में है. इस कंपनी ने वर्ष 2016 में यश बैंक से 95 करोड़ रुपये का लोन लिया था, जिसके बदले में 19C, अंसारी रोड, दरियागंज, दिल्ली स्थित एक संपत्ति को गिरवी रखा गया था. हालांकि, इसके बाद आरोपी ने मार्च 2018 से मई 2019 के बीच इस जमीन पर कई फ्लैटों का निर्माण कराया और उन्हें कई खरीदारों को यह बताए बिना बेच दिया कि यह संपत्ति पहले से ही बैंक के पास गिरवी रखी जा चुकी थी. इस बिक्री से 13 करोड़ रुपये जुटाए गए.
लोन के नाम पर बड़ी धोखाधड़ी
जांच में यह सामने आया कि आरोपी ने 300 करोड़ रुपये तक का लोन विभिन्न बैंकों से लिया था. उसने गिरवी रखी गई संपत्तियों को भी बेच दिया और बैंक धोखाधड़ी को अंजाम दिया. इसके अलावा, उसने एक सहकारी बैंक में फर्जी खाता खोलकर उसमें से 3.33 करोड़ रुपये निकाल लिए और उसे अपने निजी कार्यों में खर्च कर दिया.
पुलिस जांच और गिरफ्तारियों का सिलसिला
बैंक की शिकायत पर यह मामला 9 अक्टूबर 2021 को दर्ज किया गया था. इस दौरान आरोपी जांच से बचने के लिए लगातार अपने मोबाइल नंबर बदलता रहा और दूसरों के नाम पर सिम कार्ड व मोबाइल फोन खरीदता रहा. तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने निजामुद्दीन वेस्ट स्थित एक होटल में छापा मारकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस रिमांड के दौरान आरोपी ने यह स्वीकार कर लिया कि उसने कंपनी के पैसों का दुरुपयोग किया है.
जांच एजेंसियों को इस घोटाले में अन्य लोगों की भूमिका और मनी ट्रेल की भी जांच करनी पड़ रही है. पुलिस को संदेह है कि इसमें और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो इस धोखाधड़ी में आरोपी के साथ सक्रिय रूप से भागीदार रहे हैं.
पहले से दर्ज थे चार केस
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मोहसिन मोहम्मद के खिलाफ पहले से ही चार मामले दर्ज हैं. यह मामला सामने आने के बाद उसके अन्य अपराधों की भी जांच की जा रही है. अब पुलिस इस मामले में और गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी ने अन्य कौन-कौन सी संपत्तियों को गिरवी रखकर लोन लिया और उनमें किस तरह की गड़बड़ियां कीं. इसके साथ ही, बैंकों से लिए गए पूरे 300 करोड़ रुपये की मनी ट्रेल को भी खंगाला जा रहा है. इस घोटाले के बाद बैंकिंग सेक्टर में भी हड़कंप मच गया है