
उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में एक झोलाछाप डॉक्टर के खिलाफ स्वास्थ्य विभाग की टीम के द्वारा कार्रवाई की गई. शिकायत पर निरीक्षण करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम को एक झोलाछाप डॉक्टर के क्लिनिक में ओपीडी चलती मिली. जहां 12वीं पास चंद्रभान नाम का युवक लोगो को पर्चे पर दवाइयां लिख रहा था व इलाज कर रहा था.
चंद्रभान ने खुद बताया कि वो 12वीं पास है और डॉक्टर बनकर इलाज कर रहा था. क्योंकि, जिस डॉक्टर का ये क्लिनिक था वो बीमारी के चलते दिल्ली में पिछले 20 दिन से भर्ती हैं. उसका नाम महावीर है. हैरानी की बात ये है कि महावीर के पास भी डॉक्टरी की कोई डिग्री या मान्यता नहीं है.
क्लिनिक को किया गया सील
पूरे प्रकरण के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने पर्चे व क्लीनिक में मौजूद अन्य सामान जमा करा लिया. साथ ही बिलारी थाना में शिकायत दर्ज कराई. 12 वीं पास चंद्रभान और क्लिनिक मालिक महावीर के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, इंडियन मेडिकल काउंसिल एक्ट 1956 की धारा 15(2), 15(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है.
मामले में मुरादाबाद के एसीएमओ डॉ संजीव बेनवाल ने कहा कि एक शिकायती पत्र मिला था. हम लोग जब टीम लेकर वहां पहुंचे तो चंद्रभान नाम का व्यक्ति मरीजों का इलाज कर रहा था. लोगों को दवाइयां लिख रहा था. जब उससे पूछा गया कि क्लीनिक किसका है तो उसने कहा कि यह क्लीनिक महावीर का है. जो दिल्ली में इलाज करवा रहा है.
महावीर की गैरमौजूदगी चंद्रभान मरीज को देख रहा था. हालांकि, खुद महावीर के पास भी डॉक्टरी की मान्यता नहीं थी. ऐसे में क्लिनिक को सीज कर दिया गया. साथ ही मुकदमा भी दर्ज करवाया गया.