
उत्तर प्रदेश के कानपुर में रंगदारी, रिश्वतखोरी, भ्रष्टाचार और अन्य शिकायतों के चलते 3 दिन में 17 पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई की गई है. इसमें 7 सब इंस्पेक्टर और बाकी हेड कांस्टेबल शामिल हैं. इसके साथ ही पुलिस ने कई इंस्पेक्टर के खिलाफ जांच शुरू कर दी है.
पहले मामले में कानपुर के पश्चिमी सर्किल के बिल्हौर थाने में तैनात 2 सब इंस्पेक्टर ने 5 क्विंटल दाल चोरी के मामले में आरोपी के बेटे को छोड़ने के बदले 38 हजार रुपये की रिश्वत ली थी. इसके चलते दोनों को निलंबित कर दिया गया है. दूसरे मामले में कानपुर के दक्षिणी सर्किल के घाटमपुर थाने के पतारा कस्बे में जमीन संबंधी विवाद में रिश्वत लेने और एक पक्ष के 8 लोगों को बिना जांच के जेल भेजने के आरोप में 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया.
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मामले को निपटाने के लिए पुलिसकर्मियों ने एक पक्ष से 10 हजार और दूसरे पक्ष से 40 हजार रुपये भी वसूले थे. इसके बाद इंस्पेक्टर और एडिशनल इंस्पेक्टर के खिलाफ भी जांच शुरू कर दी गई है. गुरुवार को की गई कार्रवाई में सब इंस्पेक्टर और तीन कांस्टेबल को सस्पेंड कर दिया गया. शहर में पीआरवी में तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने एक शख्स को रोककर उससे वसूली करने की कोशिश की थी.
साथ ही सभी आरोपी पुलिसकर्मी ड्यूटी खत्म होने से पहले सो गए थे. जांच में मामला सही पाए जाने पर कार्रवाई की गई है. इसी तरह बिल्हौर थाने में तैनात इंस्पेक्टर ने एक मामले की जांच में फाइनल रिपोर्ट लगा दी. 6 आरोपियों में से कोई भी पकड़ा नहीं गया. जांच में आरोप सही पाए जाने पर इंस्पेक्टर को सस्पेंड कर दिया गया. दूसरे मामले में गलत तरीके से एफआईआर लिखने, लोगों को ब्लैकमेल करने और थाने में निर्दोष लोगों से गाली-गलौज और मारपीट करने के आरोप में सब इंस्पेक्टर और राजपाल को सस्पेंड किया गया है.
मामले को लेकर एडिशनल कमिश्नर ने कही ये बात
एडिशनल कमिश्नर हरिश्चंद्र ने बताया कि गुरुवार को अलग-अलग मामलों में 17 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है. अगर भविष्य में ऐसी शिकायतें आती हैं और जांच में आरोप साबित होते हैं तो यह कार्रवाई जारी रहेगी.