
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान के बाद उनके बेटे अब्दुल्ला आजम के भी वोट देने का अधिकार अब छिन गया है. दरअसल मुरादाबाद के एमपी एमएलए कोर्ट ने 13 फरवरी को छजलेट प्रकरण में आजम खान और अब्दुल्ला आजम को दोषी करार दिया था. इसके बाद कोर्ट ने उन्हें 2 साल की जेल की सजा सुनाई थी और 2000 रुपये का जुर्माना भी लगाया था.
पिता आजम खान और बेटे अब्दुल्ला को सजा मिलने के बाद रामपुर शहर के विधायक आकाश सक्सेना ने शुक्रवार को इस संबंध में एक पत्र निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी को लिखा था.
उन्होंने निर्वाचन आयोग के आरपी एक्ट की धारा 16 का हवाला देते हुए अब्दुल्ला आजम का नाम मतदाता सूची से काटने की मांग की थी जिसके बाद सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रेशन अधिकारी ने पत्र का संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की और अब्दुल्ला आजम का नाम मतदाता सूची से काट दिया.
इसको लेकर बीजेपी के विधायक आकाश सक्सेना ने बताया कि रामपुर में निर्वाचन रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को यह पत्र लिखा था कि आरपी एक्ट की धारा 16 के अंतर्गत जिस तरह आजम खान का वोट देने का अधिकार समाप्त किया गया था उसी तरीके से अब्दुल्ला आजम खान का भी खत्म किया जाए क्योंकि उन्हें भी अब सजा हो चुकी है. अब अधिकारी ने अब्दुल्ला आजम खान के वोट देने का अधिकार भी समाप्त कर दिया है.
क्या है छजलैट प्रकरण
दरअसल ये मामला 15 साल पुराना है. 29 जनवरी 2008 को छजलैट पुलिस ने पूर्व मंत्री आजम खान की कार को चेकिंग के लिए रोका था जिससे उनके समर्थक भड़क गए थे. इसके बाद समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया था . इस हंगामे में अब्दुल्ला समेत नौ लोगों को आरोपी बनाया गया था.
पुलिस ने इस मामले में हंगामा करने वाले सभी लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने और भीड़ को उकसाने के आरोप में केस दर्ज किया था. आजम खान को सजा मिलने को लेकर वकील नितिन गुप्ता ने बताया कि यह मामला 2008 का था, उस गाड़ी को रोका गया था जिसमें काले शीशे लगे थे. काले शीशों पर फिल्म चढ़ी हुई थी और लाल बत्ती के साथ हूटर भी लगा हुआ था.