
उत्तर प्रदेश के झांसी में यूपीएससी की परीक्षा में तीसरी बार फेल होने पर 26 साल के एक युवक ने खुदकुशी कर ली. शनिवार की तड़के सुबह ढाई से 3 बजे के बीच 26 साल के युवक ने अपने घर की चौथी मंजिल से आग लगाकर नीचे कूद गया जिससे उसकी मौत हो गई.
यह घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई. मृतक पब्जी गेम खेलने का भी शौकीन बताया जा रहा है. मरने से पहले युवक ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा है, जिसमें उसने लिखा कि मेरी मौत के पीछे किसी भी परिवार के सदस्य या फिर दोस्त का हाथ नहीं है. आगे लिखा गया है कि मरने के बाद उसका विधि-विधान से अंतिम संस्कार किया जाए और उसकी अस्थियां स्वच्छ जल में प्रवाहित की जाए.
मृतक युवक के पिता रेलवे में करते हैं नौकरी
सीपरी बाजार थाना क्षेत्र के चित्रकूट कॉलोनी में रहने वाले मनोज रजक आरपीएफ में सब इंस्पेक्टर हैं. उनका 26 साल का बेटा मयूर बीटेक पास था और यूपीएससी की तैयारी कर रहा था. मयूर के ताऊ हरिकिशन रिटायर्ड अपर संख्यक अधिकारी हैं.
मयूर की बड़ी बहन बंगलुरु में रहकर पीएचडी कर रही है. ताऊ हरिकिशन ने जानकारी देते हुए बताया कि मयूर पढ़ने में काफी होशियार था. उसने 2019 में सोनीपत से फूड टेक्नोलॉजी में बीटेक पास की थी जिसके बाद दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी करने लगा.
हालांकि डेढ़ साल बाद ही कोरोना की वजह से उसे घर लौटना पड़ा जिसके बाद वो यहीं तैयारी करने लगा. मयूर लगातार तीन बार से यूपीएससी की परीक्षा में असफल हो रहा था. पिछले 3 बार से वह एक-दो नंबरों से रह जाता था जिस कारण वह काफी मायूस रहता था.
खुद को आग लगाई, फिर चौथी मंजिल से कूदा
शुक्रवार की रात को उसने पहले स्कूटी में पेट्रोल भरवाया, जब मां सो गई तो पाइप डालकर बाल्टी में पेट्रोल निकाला और फिर सीढ़ी लगाकर घर की चौथी मंजिल पर पहुंचा. इसके बाद उसने अपने मुंह में कपड़ा ठूंसा, ताकि चीखें न निकले और अपने ऊपर पेट्रोल डालकर आग लगा ली. इसके बाद चौथी मंजिल से कूद गया जिससे उसकी मौत हो गई. यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई.
मृतक के ताऊ हरिकिशन का कहना है कि मैं सुबह लंदन से लौटा हूं तभी पता चला है. वो यूपीएससी की तैयारी कर रहा था और हर बार एक-दो नंबर से रह जाता था. जब वह घर से बाहर जाता था तो कहता था कि बड़े पापा मेरे दोस्त कहते हैं कि सबकी नौकरी लग गई है, सब पूछते है कि तुम क्या कर रहे हो तो मुझे शर्म आती है. मैं उससे कहता था कि शर्म की कोई बात नहीं, 10 पद निकलते हैं हजारों फार्म आते हैं जिसकी किस्मत होती है उसका चयन हो जाता है.
मृतक युवक के चाचा ने कहा, मैंने उसे समझाया था कि तुम्हारे पापा आरपीएफ में इंस्पेक्टर हैं, अच्छा पैसा मिलेगा. यदि नौकरी नहीं मिली तो दुकान खोल लेना जिस पर वह कहता था कि नहीं बड़े पापा, हमारे बड़े भाई सर्विस कर रहे है और बहन पीएचडी है, मैं तीन बार में यूपीएससी नहीं निकाल पा रहा हूं मुझे खुद पर ग्लानि होती है. हम लोग उसे काफी समझाते थे लेकिन फिर भी उसने ऐसा कदम उठा लिया. पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच कर रही है.