
प्रयागराज पुलिस ने 29 मार्च की रात हुई एयरफोर्स के चीफ इंजीनियर (वर्क) एसएन मिश्रा की हत्या का खुलासा कर दिया है. हालांकि, परिवार ने पुलिस के दावे को खारिज कर दिया है.
पुलिस के मुताबिक, आरोपी सौरभ कुमार उस रात हाई सिक्योरिटी एरिया वाले सेंट्रल एयर कमांड के हेडक्वार्टर में चीफ इंजीनियर के घर चोरी की नीयत से दाखिल हुआ था और पहचान जाने के डर से उसने एसएन मिश्रा की गोली मारकर हत्या कर दी. लेकिन एसएन मिश्रा के परिवार ने इस खुलासे को नकार दिया है. परिवार की तरफ से इस मामले में जो जानकारी दी गई है वो बेहद चौंकाने वाली है.
परिवार का कहना है कि कोई चोर अगर किसी के घर में चोरी की नीयत से दाखिल होता है तो क्या वो पहले डोर बेल बजाता है? ये एक ऐसा सवाल है, जिससे चीफ इंजीनियर एसएन मिश्रा हत्याकांड को 360 डिग्री घुमा दिया है. इतना ही नही डोरबेल बजाने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुलता तो बदमाश दरवाजा काटता है और जब उसे अहसास होता है कि लोग जाग चुके हैं तो वो घर के पीछे जाकर खिड़की खटखटाता है?
'साइलेंसर लगी पिस्टल से चलाई गई गोली'
परिवार की तरफ से बात करते हुए वकील सौरभ प्रताप सिंह ने बताया कि 29 की रात जब आरोपी इंजीनियर के घर दाखिल हुआ तो सबसे पहले उसने बाहर लगे सीसीटीवी का तार काटा फिर डोर बेल बजाई, घरवालों को लगा कि रात 3 बजे कौन डोर बेल बजायेगा. लेकिन जब वो नहीं उठे तो आरोपी ने दरवाजा काटने का प्रयास किया. इस आहट को सुनने के बाद घर के लोगों को एहसास हुआ कि घर मे कोई दाखिल हो चुका है. जब आरोपी को लगा कि घरवाले जाग गए है तो वो घर के पीछे की विंडो तक पहुंच कर 5 मिनट इंतजार करने के बाद खिड़की पर नॉक करता है, जिसके बाद एनएन मिश्रा ने जैसे ही थोड़ी-सी खिड़की खोलते तो सौरभ पिस्टल से गोली मारकर उनकी हत्या कर देता है.
परिवार के लोगों को शक है कि आरोपी ने साइलेंसर लगी पिस्टल से गोली चलाई थी, क्योंकि उनके फायर की कोई आवाज नहीं सुनाई दी. जब इंजीनियर फर्श पर गिर पड़े तो उन्हें अहसास हुआ कि उन्हें गोली मारी गई है.
पुलिस ने आरोपी की जो सीसीटीवी फुटेज तस्वीर जारी की उसमें वो अपना चेहरा ढंके हुए, कंधे पर बैक पैक है और एसएन मिश्रा की विंडो में पिस्टल ताने हुए है, जिसे देखकर आपको 26/11 के हमलावर कसाब की याद आ जाएगी.
'14 मार्च को भी की थी घर में घुसने की कोशिश'
वकील मुताबिक, इसके पहले 14 मार्च की रात भी आरोपी ने घर मे घुसने की कोशिश की थी. लेकिन सफल न होने पर वो मौके से फरार हो गया था. इस घटना की लिखित जानकारी चीफ इंजीनियर ने एयरफोर्स अथॉरिटी और एयरफोर्स पुलिस को भी दी थी. आरोपी की मां सुनीता देवी और बाप शिव कुमार कैंपस के कई घरों में काम करते थे. उन्हें अंदर की सभी गतिविधियों की जानकारी थी, लेकिन 14 से 29 मार्च के बीच 23 से 26 मार्च तक जब घर में कोई मौजूद नहीं था, सब आउट स्टेशन थे. तब आरोपी ने चोरी का प्रयास क्यों नहीं किया. वो कहते है कि दरअसल शूटर सौरभ कुमार 2 बार उनके घर चोरी की नीयत से नहीं बल्कि हत्या की नीयत से दाखिल हुआ था.
पुलिस ने इस मामले में सौरभ की मां और पिता को भी आरोपी बनाया है. पुलिस के मुताबिक मां-बाप और बेटे ने मिलकर सौरभ के घर चोरी और लूट की साजिश रची थी.
पुलिस ने अपने खुलासे में दावा किया है कि आरोपी सौरभ कुमार और उसके मां-बाप को अपने दूसरे बेटे सनी की जमानत और पैरवी के लिए पैसों की जरूरत थी. इसलिए उन्होंने इंजीनियर के घर चोरी की प्लानिंग की थी. सौरभ कुमार का भाई सनी हत्या के एक मामले में कौशाम्बी जेल में बंद है.
'आरोपी के पास है ढाई लाख की बाइक'
पीड़ित के वकील ने बताया कि पुलिस का ये दावा भी सही नहीं लगता, क्योंकि आरोपी खुद ढाई लाख रुपये की बाइक से चलता है और डेढ़ लाख रुपये का फोन इस्तेमाल करता है और उसने चीफ इंजीनियर के घर चोरी की नीयत से 50 हज़ार रुपये के हथियार की खरीद की थी.
वहीं, परिवार के करीबी सूत्र बताते हैं एनएन मिश्रा ने हाल में कई कॉन्ट्रैक्टर के कॉन्ट्रैक्ट्स रद्द किए थे, जो उनसे नाराज चल रहे थे. उनमें से किसी कॉन्ट्रक्टर ने सौरभ कुमार को 10 से 15 लाख रुपये की सुपारी देकर उनकी हत्या करवाई है.
अभी चल रही है पूरे प्रकरण की जांच: पुलिस
पुलिस के मुताबिक आरोपी बाउंड्री से लगे पेड़ पर चढ़ कर कैंपस में दाखिल हुआ था. इस मामले में डीसीपी अभिषेक भारती का कहना है कि अभी इस पूरे प्रकरण जांच चल रही है, परिवार ने भी जो बिंदु रखा है. उस पर भी हम जांच करेंगे, क्योंकि इस पूरे प्रकरण में हमारी जांच अभी-भी चल रही है. सारे साक्ष्य संकलन चल रहा है. घटना से संबंधित हर पहलू की जांच चल रही है.