
यूपी के संभल से सपा सांसद जिया उर रहमान बर्क पर बिजली चोरी का आरोप लगा है. उनके खिलाफ एंटी पावर थेफ्ट की धारा 135 के तहत एफआईआर दर्ज की गई है. इतना ही नहीं सांसद के घर की बिजली भी काट दी गई है. सांसद के घर में जीरो मीटर रीडिंग के बाद पुलिस-प्रशासन ने एक्शन लिया है. वहीं, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सरकार और जिला प्रशासन पर बर्क को परेशान करने का आरोप लगाया है.
अखिलेश यादव ने कहा कि ये सब अधिकारियों का खेल है. बीते दिनों हुई हिंसा के बाद अधिकारी अब खुद को बचाने के लिए खेल रच रहे हैं. मुसलमानों के घरों में छापा मार रहे हैं. सांसद के घर तक भी पहुंच रहे हैं. मुख्यमंत्री बीजेपी के लोगों की भी जांच करें, बीजेपी के नेता बिजली चोर हैं.
इससे पहले संभल हिंसा पर बोलते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि जांच में अधिकारी कठघरे में होंगे. सरकार खोदने से सौहार्द और भाईचारा खत्म कर रही है, हम खोदने में नहीं, रास्ते खोजने में विश्वास करते हैं. अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए, दोषी भी वहीं पाए जाएंगे.
मुश्किल में संभल सांसद
गौरतलब हो कि बिजली विभाग ने सपा सांसद के खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज कराया है. इसके साथ ही उनके सहयोगियों पर विभाग के अधिकारियों को भी धमकाने का आरोप लगा है. इस धमकी देने के मामले में सपा सांसद के पिता के खिलाफ भी मामला दर्ज हो गया है. उन्होंने अधिकारियों को देख लेने की बात कही थी.
मालूम हो कि बिजली चोरी के आरोपों में घिरे संभल सांसद जिया उर रहमान बर्क के दीप सराय स्थित घर पर गुरुवार सुबह भारी पुलिस फोर्स के साथ बिजली विभाग की टीम पहुंची. बिजली विभाग की टीम ने जब स्मार्ट मीटर की जांच कि कितने यूनिट बिजली की खपत हुई तो पता चला कि मीटर में टेंपरिंग की गई है.
सांसद पर लगे बिजली चोरी के आरोप तो भड़के अखिलेश
सपा मुखिया अखिलेश यादव ने कहा कि सीएम योगी ने ये खेल अपने अधिकारियों के माध्यम से खेला है. अधिकारी भी बचने के लिए खेल कर रहे हैं. जानबूझकर अपमानित कर रहे हैं, खासकर मुसलमान भाइयों को, उनके घरों में छापा मार रहे हैं. हमारे सांसद के घर में भी पहुंचे हैं. बीजेपी और खासकर सीएम योगी अपने लोगों की भी जांच करें. वह बड़े पैमाने पर बिजली चोरी कर रहे हैं. जहां-जहां छापे पड़े वह सभी बीजेपी वाले थे.