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अमेठी में रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा गया SDM का पेशकार, ऑफिस से उठाकर ले गई एंटी करप्शन की टीम

Amethi News: एंटी करप्शन की टीम ने पैसा लेते रंगेहाथ एसडीएम के पेशकार के पकड़ लिया. फिर पेशकार को स्थानीय थाने ले गई. इसके बाद अपने साथ अयोध्या ले जाकर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही में जुट गई. इस घटना से तहसील में हड़कंप मच गया. 

अमेठी: हिरासत में SDM का पेशकार अमेठी: हिरासत में SDM का पेशकार
अभिषेक कुमार त्रिपाठी
  • अमेठी ,
  • 12 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 10:49 AM IST

उत्तर प्रदेश के अमेठी में जमीनी विवाद में स्टे को खारिज कराने के नाम पर शिकायतकर्ता से एसडीएम के पेशकार ने रिश्वत मांग ली. इसकी सूचना शिकायतकर्ता ने एंटी करप्शन की टीम को दे दी. एंटी करप्शन ने पेशकार को रंगेहाथ पकड़ने के लिए प्लान बनाया. इस प्लान में पेशकार फंस गया और मौके से गिरफ्तार हो गया. 

एंटी करप्शन की टीम ने पैसा लेते रंगेहाथ एसडीएम के पेशकार के पकड़ लिया. फिर पेशकार को स्थानीय थाने ले गई. इसके बाद अपने साथ अयोध्या ले जाकर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्यवाही में जुट गई. इस घटना से तहसील में हड़कंप मच गया. 

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पूरा मामला अमेठी सदर तहसील का है, जहां पर एसडीएम के कोर्ट में काम करने वाले पेशकार अशोक कुमार श्रीवास्तव एक मुकदमे की सुनवाई के लिए फाइल लगाने तैयारी कर रहे थे. तभी अचानक अयोध्या से आई विजिलेंस की टीम (एंटी करप्शन) ने पेशकार अशोक को शिकायतकर्ता रविकांत पाल से पैसा लेते रंगेहाथ पकड़ लिया. जिसके बाद विजिलेंस की टीम पेशकार को अपने साथ लेकर चली गई. इससे तहसील परिसर में हड़कंप मच गया.  

एसडीएम कोर्ट में काम करने वाले पेशकार अशोक शिकायतकर्ता रविकांत पाल की जमीन से स्टे को खारिज करने के नाम पर मोटी रकम की मांग कर रहे थे. हालांकि, 15 हजार में मामला तय हुआ. उधर, रविकांत ने पूरे प्रकरण को अयोध्या में जाकर विजिलेंस टीम के अधिकारियों को बताया. बीते दिन मौके पर अधिकारियों के साथ शिकायतकर्ता रविकांत ने तहसील पहुंचकर पेशकार को 5 हजार नगद दिया. तभी विजिलेंस टीम ने पेशकार को रंगेहाथ पकड़ लिया. 

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मामले में तहसील के उपजिलाधिकारी आशीष कुमार सिंह ने बताया कि जमीनी विवाद में पैसे के लेनदेन की हमको कोई भी जानकारी नहीं थी. विजिलेंस की टीम आई थी. हमारे कोर्ट में काम करने वाले पेशकार को पकड़कर ले गई है. 

वहीं, रविकांत ने बताया की जमीनी विवाद का मामला था. आपसी बंटवारा हुआ था. उसके बाद भी पड़ोसी ने मुकदमा दायर किया था. स्टे के चलते हमारे मकान के काम को रोक दिया गया. जिसके बाद पेशकार से मैं मिला तो उन्होंने कहा कि 15 हजार दे दो काम हो जायेगा. इसकी शिकायत मैंने एंटी करप्शन की टीम को दे दी. टीम ने पेशकार को पैसा लेते रंगेहाथ पकड़ लिया. 

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