Advertisement

अतीक की बेनामी प्रॉपर्टी का सौदा करने में जुटा था विजय मिश्रा, शाइस्ता और जैनब से लगातार हो रही थीं मुलाकातें

UP News: यूपी पुलिस की गिरफ्त में आया आरोपी वकील विजय मिश्रा, उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों का सौदा करने में जुटा था. पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रयागराज के ही एक सफेदपोश नेता के जरिए बेनामी प्रॉपर्टी की डील होनी थी.

बाएं से विजय मिश्रा, शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा. (फाइल फोटो) बाएं से विजय मिश्रा, शाइस्ता परवीन और जैनब फातिमा. (फाइल फोटो)
संतोष शर्मा
  • लखनऊ/प्रयागराज,
  • 30 जुलाई 2023,
  • अपडेटेड 12:56 PM IST

प्रयागराज के बहुचर्चित उमेश पाल हत्याकांड में वकील विजय मिश्र की गिरफ्तारी से जुड़े मामले में नया खुलासा हुआ है. पता चला है कि आरोपी विजय मिश्रा, उमेश पाल हत्याकांड में आरोपी अतीक अहमद की बेनामी संपत्तियों का सौदा करने में जुटा था.

अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा के कहने पर विजय मिश्र ने कुछ बेनामी सम्पत्ति को बिकवाकर पैसा पहुंचाया था. साथ ही बीते दो दिन से राजधानी लखनऊ में भी आरोपी वकील अतीक अहमद की बेनामी संपत्ति की डील कराने रुका था. 

Advertisement

पुलिस सूत्रों की मानें तो प्रयागराज के ही एक सफेदपोश नेता के जरिए बेनामी प्रॉपर्टी की डील होनी थी. पूछताछ में विजय मिश्रा से पुलिस को कई अहम जानकारियां मिली हैं.

अतीक अहमद और अशरफ की हत्या के बाद वकील विजय मिश्रा लगातार फरार चल रही शाइस्ता (अतीक की बीवी) और जैनब (अशरफ की बीवी) के संपर्क में था. उसकी दोनों महिलाओं से मुलाकातें तक हो रही थीं. 

शूटर को दी थी उमेश की लोकेशन

उमेश पाल हत्याकांड में यूपी एसटीएफ ने माफिया अतीक अहमद के वकील विजय मिश्रा को लखनऊ से गिरफ्तार किया है. विजय मिश्रा पर आरोप है कि उसने उमेश की लोकेशन शूटर को दी थी और वह जेल में बंद अतीक के भाई अशरफ से लगातार संपर्क में था.  

सूत्रों के मुताबिक, विजय मिश्रा लखनऊ के हयात होटल में किसी महिला के साथ रुका था. महिला के अतीक परिवार से जुड़े होने की खबर है जिसकी पहचान की जा रही है. इसके अलावा, विजय मिश्रा उस अस्पताल के आसपास भी मौजूद था, जहां अतीक और अशरफ को गोली मारी गई थी. विजय मिश्रा पर अतीक के नाम पर रंगदारी मांगने की एफआईआर भी दर्ज है. 

Advertisement

24 फरवरी को हुई थी उमेश पाल की हत्या 

बता दें कि बदमाशों ने बहुजन समाज पार्टी के विधायक रहे राजू पाल की हत्या के मामले में मुख्य गवाह उमेश पाल पर 24 फरवरी को गोलीबारी कर दी थी. उमेश पाल गाड़ी से निकलकर जब अपने घर की ओर भागे, तब बदमाशों ने उनको निशाना बनाकर बम भी फेंके थे. 

उमेश पाल और दो गनर की हुई थी हत्या 

इस हमले में गंभीर रूप से घायल उमेश पाल और उनके दो गनर को आसपास के लोगों ने इलाज के लिए तत्काल स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल पहुंचाया जहां उपचार के दौरान तीनों की मौत हो गई थी. उमेश पाल हत्याकांड में अतीक अहमद का नाम सामने आया था. अतीक अहमद और अशरफ अहमद पर उमेश पाल की हत्या की साजिश रचने का आरोप लगा था. 

मारे जा चुके कई आरोपी 

उमेश पाल की हत्या के अगले उनकी पत्नी जया पाल ने अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ अहमद, अतीक की पत्नी शाइस्ता, बेटे असद के साथ ही शूटर अरमान, गुलाम, गुड्डू मुस्लिम और साबिर के खिलाफ केस दर्ज किया था. इनमें से अतीक और अशरफ समेत छह आरोपी मारे जा चुके हैं. शाइस्ता, गुड्डू मुस्लिम और जैनब समेत अन्य आरोपी अब भी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं.

Advertisement

(इनपुट:- अरविंद कुमार ओझा)


ये भी पढ़ें:- आयशा, उंजेला, मंतशा, शाइस्ता और जैनब, UP पुलिस के लिए सिरदर्द बनीं ये 5 लेडी

ये भी पढ़ें:- शाइस्ता, जैनब और आफशां... माफिया को पकड़ना आसान लेकिन पत्नी बनीं UP पुलिस के लिए मुसीबत

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement