
माफिया अतीक अहमद का काफिला झांसी से प्रयागराज की ओर निकल चुका है. लगभग 900 किलोमीटर का सफर पूरा हो चुका है और अब 400 किलोमीटर का सफर बाकी है. काफिला तेजी से आगे बढ़ रहा है. उरई से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे पर काफिला निकलेगा और फिर बांदा, चित्रकूट, मानिकपुर होते हुए प्रयागराज की नैनी सेंट्रल जेल तक पहुंचेगा.
अतीक अहमद को सीधे नैनी जेल लाया जाएगा और वहीं न्यायिक अभिरक्षा में रखा जाएगा. अदालत ने अतीक अहमद को नैनी जेल भेजने के निर्देश दिए हैं. 28 तारीख को नैनी जेल से अतीक अहमद को अदालत लाया जाएगा.
हर जिले के पुलिस कप्तान को जिम्मेदारी
अतीक अहमद के यूपी में घुसते ही यूपी पुलिस अलर्ट हो गई है. सभी जिलों के कप्तान अपने जिले में अतीक अहमद के काफिले के रूट को क्लियर कराएंगे. पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी अलर्ट में कहा गया कि अतीक अहमद को लाने वाले काफिले के रूट को क्लियर रखा जाए, ट्रैफिक जाम या किसी भी तरह का अवरोध ना आने पाए.
काफिले को लेकर यूपी पुलिस का अलर्ट
पुलिस को इनपुट मिला है कि अतीक अहमद के लोग झांसी के आसपास काफिले में प्रवेश करने की कोशिश करेंगे. पुलिस को अलर्ट मिला है कि काफिले में कोई भी नई गाड़ी शामिल ना होने पाए, कहीं भी रुकने पर अतीक अहमद से कोई भी बातचीत ना करने पाए. झांसी, जालौन, बांदा, महोबा, चित्रकूट के पुलिस कप्तानों को सख्त निर्देश दिया गया है.
अब तक 25 पुलिसकर्मियों का तबादला
इस बीच प्रयागराज में अतीक अहमद के करीबी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई जारी है. अतीक अहमद गैंग से नजदीकी के चलते 17 और पुलिस वालों का तबादला कर दिया गया है. इससे पहले 2 इंस्पेक्टर समेत 8 पुलिस वाले जिले से हटाए गए थे. आज हटाए गए 17 पुलिस कर्मियों में 1 सब इंस्पेक्टर, 1 उर्दू अनुवादक, 4 सिपाही, 11 हेड कांस्टेबल शामिल हैं.
24 घंटे सीसीटीवी की निगरानी में रहेगा अतीक
प्रयागराज आने के बाद अतीक अहमद को हाई सिक्योरिटी बैरक में आइसोलेशन में रखा जायेगा. सीसीटीवी कैमरे से लैस सेल में रखा जायेगा. जेल कर्मी को उनके रिकॉर्ड के आधार पर चयनित करके ड्यूटी पर लगाया जाएगा. बॉडी वार्न कैमरा से कर्मी लैस रहेंगे. प्रयागराज जेल कार्यालय और जेल मुख्यालय पर वीडियो वॉल के माध्यम से 24 घंटे निगरानी होगी.
कल कोर्ट सुनाएगी अपहरण केस में फैसला
डीआईजी जेल मुख्यालय को प्रयागराज जेल समस्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए रवाना किया जा रहा है. यही व्यवस्था अतीक अहमद के भाई अशरफ के लिए भी होगी. गौरतलब है कि अतीक अहमद और उसके अशरफ को उमेश पाल अपहरण कांड में कोर्ट में पेशी के लाया जा रहा है. एमपी-एमएलए कोर्ट 28 मार्च यानी कल अपना फैसला सुनाएगी.
2006 में अतीक ने किया था उमेश पाल का अपहरण
28 फरवरी 2006 को अतीक अहमद ने राजू पाल हत्याकांड में गवाह रहे उमेश पाल का अपहरण करवा लिया था. उसे कर्बला स्थित कार्यालय में ले जाकर अतीक ने रात भर पीटा और फिर उसके लिखित हलफनामे पर दस्तखत करवा लिए थे. अगले दिन अतीक के गुर्गों ने उमेश पाल अदालत में खड़ा किया और उसकी गवाही भी कोर्ट में करवा दी.
अपहरण के बाद उमेश पाल ने बदल दिया था बयान, फिर दर्ज कराया था केस
1 मार्च 2006 को उमेश पाल ने बयान दिया कि वह घटनास्थल पर मौजूद नहीं था, ना ही उसने किसी को वहां देखा, लेकिन सत्ता बदलते ही बसपा सरकार आते ही 5 जुलाई 2007 को उमेश पाल ने अतीक अहमद अशरफ और उसके गुर्गों के खिलाफ धूमनगंज थाने में अपरहण की एफआईआर दर्ज करवा दी थी.