
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में गैंगरेप की शिकार 40 वर्षीय महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया. वह पांच महीने की प्रेग्नेंट थी. उसकी जान बचाने के लिए सिपाहियों ने ब्लड डोनेट किया था, इसके बावजूद उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ. महिला के साथ जुलाई में आरोपियों ने गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया था. पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है.
एजेंसी के अनुसार, पीड़ित महिला मानसिक रूप से स्वस्थ नहीं थी. वह पति की मौत के बाद पिछले 10 साल से अपने 20 साल के बेटे के साथ किसी तरह गुजारा कर रही थी. महिला के साथ जुलाई में गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया गया था, लेकिन यह बात परिवार और समाज से छुपी रही.
जब महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई, तो परिवार के लोगों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया. अस्पताल में जब मेडिकल जांच की गई तो खुलासा हुआ कि महिला पांच महीने की प्रेग्नेंट है और वह खून की कमी (एनीमिया) से जूझ रही है. इसके बाद मामला पुलिस तक पहुंचा. पुलिस ने पांच आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की.
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पीड़िता की हालत गंभीर होने पर तीन पुलिसकर्मियों ने अस्पताल में ब्लड डोनेट किया. हालत बिगड़ने पर उसे जिला अस्पताल से प्राइवेट हॉस्पिटल में रेफर किया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उसे बचाया नहीं जा सका. इस मामले में पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है.
नामजद आरोपियों को पकड़ने के लिए छापेमारी की जा रही है. इस मामले को लेकर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) चिराग जैन ने कहा कि पीड़िता के परिवार ने काफी संघर्ष किया. उनकी मदद के लिए पुलिस ने हरसंभव प्रयास किए. आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.