
यूपी के बदायूं दो बच्चों की हत्या के मामले में सियासी बयानबाजी शुरू हो गई है. बीजेपी सांसद संघमित्रा मौर्य ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों खासकर सपा को कोई भी बयान देने से पहले अपने गिरेबान में झांकना चाहिए. क्योंकि, उनकी सरकारों में क्या होता था ये सबको पता है. पिछले पांच सालों में बदायूं में ऐसी कोई घटना नहीं हुई. जबकि पुरानी सरकारों में ऐसी वारदात रोज होती थी.
बता दें कि 19 मार्च की शाम को मंडी समिति पुलिस चौकी के पास बाबा कॉलोनी में विनोद कुमार के दो बेटों आयुष (13) और अहान (6) की चाकू से गला रेतकर हत्या कर दी गई. उनके मकान के सामने हेयर सैलून चलाने वाले साजिद ने अपने साथी जावेद के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया.
इस जघन्य वारदात के कुछ घंटे बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी साजिद को मुठभेड़ में मार गिराया. इस मुठभेड़ में एक पुलिसकर्मी भी घायल हुआ है. वहीं, दूसरा हत्यारोपी जावेद फरार हो गया.
इस घटना को लेकर सपा नेता शिवपाल यादव ने बीजेपी सरकार को घेरते हुए कहा कि इस सरकार में कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. वहीं, सपा मुखिया अखिलेश यादव ने भी बीजेपी सरकार पर जमकर हमला बोला.
संघमित्रा मौर्य का सपा पर हमला
अब इस मामले पर बदायूं से सांसद संघमित्रा मौर्य का बयान सामने आया है. वो पीड़ित परिवार से मुलाकात करने पहुंची थीं. इस दौरान 'आज तक' से बात करते हुए संघमित्रा ने कहा कि 'मैं आज बंदायूं में अपने ही एक परिवार से मिलने आई हूं. उनका दर्द बांटने आई हूं. यह क्षेत्र मेरी लोकसभा में नहीं आता है लेकिन उसके बाद भी मैं आई हूं. क्योंकि यह मेरा परिवार है. बीजेपी का परिवार है.'
बकौल संघमित्रा मौर्य- 'बदायूं में पिछले 5 साल में कोई घटना नहीं हुई. ऐसी घटना पहली बार हुई है. जबकि, पुरानी सरकारों में हर रोज होती थी. हमारी सरकार ने कड़ी कार्रवाई की है. हत्या के आरोपी को तुरंत पकड़ा गया और एक घंटे में ही एनकाउंटर में ढेर कर दिया गया.'
संघमित्रा ने आगे कहा कि 'सपा या शिवपाल यादव अगर इस तरह की बात कर रहे हैं तो उन्हें खुद के गिरेबान में झांकना चाहिए. उनकी सरकारों में क्या होता था? शिवपाल यादव को अपनी सरकार के कारनामे याद रखने चाहिए. पुलिस जल्द ही जावेद को भी पकड़ लेगी. मैं दोबारा बदायूं से लडूंगी या नहीं यह हमारा केंद्रीय नेतृत्व तय करेगा. मैं हर जिम्मेदारी के लिए तैयार हूं.'