
यूपी की बदायूं लोकसभा सीट से टिकट कटने के बाद संघमित्रा मौर्या का एक वीडियो चर्चा में बना हुआ है. इस वीडियो में वो मंच पर रोती हुई नजर आ रही हैं. हालांकि, इसको लेकर उन्होंने कहा कि उनके बगल में बैठी प्रदेश सरकार में मंत्री गुलाबो देवी ने रामायण से राजा दशरथ का मार्मिक प्रसंग सुना दिया था इसलिए वो भावुक हो गईं. लेकिन जब इस विषय में गुलाबो देवी से सवाल किया गया तो उन्होंने इससे इनकार कर दिया.
उत्तर प्रदेश की माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाबो देवी ने कहा कि मंच पर उनकी संघमित्रा मौर्य से ऐसी कोई बात नहीं हुई. उनके मन में कोई भाव आया होगा जिससे उनके आंसू छलक गए. रामायण तो रामायण है. मैं तो जब भी कोई बात होती है रामायण के प्रसंग ही सुनाती हूं.
बकौल गुलाबो देवी- उस समय उनके (संघमित्रा) मन कोई भाव आया होगा. राजनीतिक दृष्टि से या कैसा भी. कोई बात चली होगी. अभी दिमाग में नहीं है मेरे. वैसा... ऐसा कुछ है नहीं.
गौरतलब है कि बीते दिन (2 अप्रैल) बदायूं में सीएम योगी आदित्यनाथ का दौरा था. इसके लिए भव्य मंच सजाया गया था. मंच पर तमाम नेता मौजूद था. इसी बीच मंच पर ही संघमित्रा मौर्या रोने लगीं. वो हाथों से आंसू पोछते नजर आईं. जिसका वीडियो वायरल हो गया. बाद में जब उनसे इस विषय पर सवाल गया तो उन्होंने कहा कि राजा दशरथ की मार्मिक कहानी सुनकर भावुक हो गई थीं.
संघमित्रा मौर्या ने क्या कहा था?
मंच पर रोने वाली बात पर संघमित्रा मौर्या ने कहा- "हमारे बगल में प्रदेश सरकार की मंत्री गुलाबो देवी बैठी हुई थीं. उस वक्त कार्यक्रम नहीं चल रहा था तो वह राजा दशरथ की एक कहानी सुना रही थीं और वह कहानी भावुक और मार्मिक थी. निश्चित तौर पर महिला होने के नाते मेरा भावुक होना स्वाभाविक है. सिर्फ उस कहानी की वजह से ही आंखें नम हुईं थीं. संघमित्रा मौर्या कोई कमजोर नहीं बल्कि बहादुर महिला है. इस देश की आधी आबादी का नेतृत्व करने वाली महिला है तो इतनी छोटी-छोटी चीजों पर उसकी आंखें नम होना या भावुक होना उसके ऊपर कतई शोभा नहीं देता है."
वहीं, जब संघमित्रा से पूछा गया कि क्या टिकट कटने की वजह से वह भावुक हुई थीं तो इस पर उन्होंने कहा कि "अगर टिकट के लिए ऐसा होता तो मैं पहले दिन जब लोकसभा प्रत्याशी बदायूं आए तो मैं उनके सामने बरेली से बदायूं तक नहीं आती और पूरे कार्यक्रम में उनके साथ रही. जिस ह्रदय की गहराई से मैं उनके साथ लगी हुई हूं, अपना चुनाव समझकर. मैं कतई उनके साथ नहीं होती. पार्टी में भी कहीं कोई दिक्कत नहीं है. अगर कोई भी दिक्कत होती तो मैं इस कार्यक्रम से दूर होती."