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Bahraich Wolf Attack: गर्दन दबोच बच्चे को ले जा रहा था भेड़िया, बचाने के लिए आदमखोर से भिड़ गई मां, फिर...

बहराइच (Bahraich) में आदमखोर भेड़ियों के हमले (Wolf Attack) में अबतक 9 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं. हालांकि, चार भेड़ियों को पकड़ लिया गया है लेकिन अभी भी दो आदमखोर खुलेआम घूम रहे हैं. इस बीच भेड़िये के हमले में बाल-बाल बचे एक बच्चे के परिवार ने अपनी कहानी बताई है...

बहराइच में भेड़ियों का आतंक बहराइच में भेड़ियों का आतंक
कुमार अभिषेक
  • बहराइच ,
  • 29 अगस्त 2024,
  • अपडेटेड 6:50 PM IST

उत्तर प्रदेश के बहराइच (Bahraich) में आदमखोर भेड़ियों के हमले (Wolf Attack) ने दहशत फैला दी है. भेड़िये अबतक एक महिला समेत 9 लोगों का अपना शिकार बना चुके हैं. हालांकि, चार भेड़ियों को पकड़ लिया गया है लेकिन अभी भी दो आदमखोर खुलेआम घूम रहे हैं. उनको पकड़ने के लिए दर्जन भर से ज्यादा टीमें लगी हुई हैं. इस बीच उस बच्चे की कहानी सामने आई, जिसपर खूंखार भेड़िये ने करीब डेढ़ महीने पहले अटैक किया था. बच्चे के चेहरे पर पंजों के निशान हैं.   

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बता दें कि 7 साल के इस बच्चे का नाम फिरोज है. उसपर करीब डेढ़ महीने पहले भेड़िये ने हमला किया था. उस वक्त फिरोज अपनी मां के साथ घर के बरामदे में सो रहा था. इसी दौरान आधी रात को एक भेड़िया वहां घुसा और फिरोज की गर्दन को दबोचकर उसे खींचते हुए खेतों में लेकर जाने लगा.

मां ने अपने बच्चे को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन वह नाकाम रही. उसने भेड़िये के जबड़े से बेटे को खींचने का भरसक प्रयास किया और जोर-जोर चीखती रही. डर के मारे वो बेहोश भी हो गई. चीख-पुकार सुनकर गांव वाले इकट्ठा हो गए. जिसपर भेड़िया फिरोज को छोड़कर भाग गया. लहूलुहान हालत में फिरोज को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां 13 दिनों तक इलाज के बाद उसकी जान बची. 

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हालांकि, फिरोज के चेहरे, गर्दन, सिर, कान, पीठ, और छाती पर भेड़िये के काटने के निशान आज भी मौजूद हैं. फिरोज के घरवालों के साथ दर्जनों गांव के लोग दहशत में जी रहे हैं. कुछ ने तो अपने बच्चों को दूर रिश्तेदारों के घर छोड़ दिया है. ग्रामीणों को सूरज ढलते ही घर से निकलने में भी डर लगता है.    

इससे पहले, औराही गांव में भेड़ियों का हमला मासूम राहुल पर हुआ था. राहुल अपनी मां की गोद में सो रहा था जब एक भेड़िया उसे खींचकर ले गया. राहुल के चाचा ने बच्चों की चीखें सुनीं और भेड़िये का पीछा किया. भेड़िया खेत की तरफ भाग रहा था, लेकिन वह घर के पीछे लगे एक जाल में फंस गया और राहुल को छोड़कर भाग खड़ा हुआ. राहुल भी गंभीर रूप से घायल हुआ था और उसे भी अस्पताल ले जाया गया. गनीमत रही कि उसकी जान बच गई. 

वन विभाग का कहना है कि इलाके में 6 भेड़ियों का एक झुंड है, जो आदमखोर हो चुका है और लोगों पर हमला कर रहा है. इनमें से 4 भेड़ियों को पकड़ लिया गया है . आज (29 अगस्त) जिस भेड़िये को पकड़ा गया, उसे ट्रेंकुलाइज करने वाले अधिकारियों ने बताया कि इसका डीएनए सैंपल ले लिया गया है और अब टेस्टिंग के बाद ही पता चलेगा कि क्या ये भेड़िया उसी ग्रुप का है, जिसने इन वारदातों को अंजाम दिया है. 

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गौरतलब हो कि बहराइच में इन आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने के लिए 5 वन प्रभागों बहराइच, कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ, श्रावस्ती, गोंडा और बाराबंकी की लगभग 25 टीमें लगी हुई हैं. भेड़ियों की वजह से 20-25 गांवों में डर का ऐसा माहौल बना है कि लोग रात-रातभर जागकर गांव का पहरा दे रहे हैं. अपने बच्चों और परिवार को सुरक्षित रखने के लिए उन्हें अंधेरा होने के बाद घर के बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं. 

वहीं, गांववालों की हिम्मत बढ़ाने के लिए बहराइच की मेहसी सीट से बीजेपी विधायक सुरेश्वर सिंह भी अपने समर्थकों के साथ लाइसेंसी बंदूक लेकर गश्त कर रहे हैं. उनके समर्थकों के पास भी मॉडर्न हथियार हैं. वो लोगों को हौसला दे रहे हैं और जागरूक भी कर रहे हैं. 

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