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बहराइच में भेड़िये, लखीमपुर में बाघ और अब बेंगलुरु में तेंदुआ... अलग-अलग शहरों से आ रही खौफ की तस्वीरें 

यूपी के बहराइच में आदमखोर भेड़ियों का खौफ है. यहां भेड़िये नौ बच्चों समेत 10 लोगों को अपना शिकार बना चुके हैं. लखीमपुर खीरी में बाघ का मूवमेंट दिखाई देने के बाद लोग दहशत में हैं. बीते महीने यहां बाघ ने पांच लोगों को अपना शिकार बनाया था, जिनमें से चार की मौत हो गई थी. बहराइच और लखीमपुर के बाद अब बेंगलुरु में तेंदुए की एंट्री हुई है.

भेड़ियों और बाघ के बाद अब तेंदुए का आतंक (Photo- Meta AI) भेड़ियों और बाघ के बाद अब तेंदुए का आतंक (Photo- Meta AI)
aajtak.in
  • नई दिल्ली,
  • 02 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 2:42 PM IST

उत्तर प्रदेश के बहराइच में भेड़िये, लखीमपुर खीरी जिले में बाघ के बाद अब कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में तेंदुए की एंट्री हो गई है. जहां बहराइच जिले में आदमखोर भेड़ियों की वजह से 35 गांवों में आतंक है. वहीं लखीमपुर खीरी में बाघ दिखाई देने के बाद 50 गांव के लोग दहशत में हैं, जबकि बेंगलुरु में तेंदुआ दिखाई देने के बाद शहर के लोगों में खौफ है. उत्तर से लेकर दक्षिण भारत तक आदमखोर जानवरों की वजह से अलग-अलग शहरों से खौफ की तस्वीरें सामने आ रही हैं. 

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बहराइच जिले के 35 से ज्यादा गांवों में भेड़ियों का आतंक ऐसा है कि इन गांवों में लोग रात-रातभर जागकर रखवाली कर रहे हैं. भेड़ियों का झुंड 9 बच्चों समेत 10 लोगों का शिकार कर चुका है. इन आदमखोरों के हमले में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. वन विभाग की 25 टीमें इन भेड़ियों को पकड़ने में जुटी हुई हैं.

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प्रशासन और वन विभाग का कहना है कि इन इलाकों में छह भेड़िये ही थे, जिनमें से तार भेड़ियों को पकड़ा जा चुका है. जबकि गांव वालों का कहना है कि यहां करीब 20-25 भेड़ियों का झुंड घूम रहा है और छोटे बच्चों, महिलाओं को निशाना बना रहे हैं. इतन ही नहीं लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस और पीएसी के जवानों को तैनात किया गया है.    

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लखीमपुर में रिकॉर्ड हुआ बाघ का मूवमेंट  

इस बीच लखीमपुर खीरी जिले के 50 से ज्यादा गांव दहशत में हैं क्योंकि यहां बाघ दिखाई दिया था. वन विभाग की टीमें लगातार बाघ की तलाश में जुटी हुई हैं. यहां पिंजरे के पास लगे कैमरे में बाघ की मूवमेंट रिकॉर्ड हुई थी. बीते अगस्त महीने में इस आदमखोर बाघ ने पांच लोगों पर हमला किया, जिनमें से चार लोगों की मौत हो गई, उसके बाद से ही जंगल से सटे गांवों के लोगों में डर और दहशत है. 

बाघ का डर यूपी के लखीमपुर जिले के कई गांवों में है. उसके पंजों के निशान कई जगह मिल चुके हैं, जिसकी वजह से लोगों में खौफ बना हुआ है. एक दिन पहले बाघ के पंजे के निशाने मिले और दूसरे दिन बाघ कैमरे में कैद हुआ. वन विभाग ने आदमखोर बाघ को पकड़ने के लिए 4 पिंजरे लगाए थे. पिंजरे के पास कैमरा भी लगाया गया था. इसी के साथ दो ड्रोन कैमरों से निगरानी रखी जा रही थी. निगरानी के दौरान बाघ का मूवमेंट नजर आया. 

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बेंगलुरु में सुबह 3 बजे दिखा तेंदुआ 

बेंगलुरु के बाहरी इलाके जिगनी में रविवार सुबह करीब 3 बजे एक तेंदुआ देखा गया, जिसकी वजह से इलाके में रहने वाले लोगों के बीच दहशत फैल गई. तेंदुआ सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया और वह इलाके में घूमता नजर आ रहा है. वन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि सुबह आवारा कुत्तों के भौंकने की वजह से यहां रहने वाले लोग जाग गए.  

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तेंदुए को पकड़ने के लिए टास्क फोर्स के अधिकारी और वन विभाग के अन्य अधिकारी इलाके और उसके आसपास तलाशी अभियान चला रहे हैं. सुरक्षा गार्डों को तेंदुआ दिखने की स्थिति में पटाखे दिए गए हैं. लोगों को तेंदुए के पकड़े जाने तक इलाके में अकेले न घूमने की चेतावनी भी दी गई है. अधिकारियों को शक है कि तेंदुआ रागीहल्ली वन या बन्नेरघट्टा वन क्षेत्र से आया होगा.

(इनपुट- बहराइच से समर्थ श्रीवास्तव, लखीमपुर खीरी से अभिषेक वर्मा और बेंगलुरु से सगाय राज)

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