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'एक भेड़िये ने बेटी को मुंह में दबोचा था, दो पीछे-पीछे चल रहे थे...', मां ने बताया रात का वो भयानक मंजर

बहराइच में आदमखोर भेड़ियों ने आतंक मचा रखा है. वन विभाग और प्रशासन की टीमें भेड़ियों को पकड़ने के लिए ऑपरेशन चला रही है. अबतक चार भेड़ियों को पकड़ा भी जा चुका है. बावजूद इसके भेड़िये लगातार बच्चों को अपना निशाना बना रहे हैं. रविवार की रात जिस बच्ची को भेड़ियों ने अपना शिकार बनाया, उसकी मां ने बताया कि किस तरह भेड़िया उनकी आंखों के सामने ही बच्ची को टांगकर ले जा रहा था.

भेड़िये का शिकार बनी बच्ची की मां ने बताया खौफनाक मंजर भेड़िये का शिकार बनी बच्ची की मां ने बताया खौफनाक मंजर
समर्थ श्रीवास्तव
  • बहराइच,
  • 02 सितंबर 2024,
  • अपडेटेड 11:55 AM IST

उत्तर प्रदेश के बहराइच में आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने के लिए वन विभाग और प्रशासन 'ऑपरेशन भेड़िया' चला रहा है. अबतक चार भेड़ियों को पकड़ा भी जा चुका है, लेकिन बचे हुए भेड़ियों ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है. रविवार की रात आदमखोर भेड़िये हरदी थाना इलाके के एक गांव में घुस गए. यहां से भेड़िया तीन साल की मासूम को उठाकर ले गए. मृतक बच्ची की मां ने बीती रात के भयानक मंजर को बताते हुए कहा कि उसने बच्ची को गले से दबोचा था, उसकी आवाज तक नहीं आई.  

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बीती रात गरेठी गुरुदत्त सिंह गांव में भेड़ियों ने तीन साल की एक बच्ची को निशाना बनाया था. इस बच्ची की मां मीनू ने आजतक से बात करते हुए बताया कि देर रात करीब साढ़े तीन बजे वो अपनी सबसे छोटी बच्ची को दूध देने के बाद सोई. उसके बाद एक भेड़िया आया और बच्ची को लेकर चला गया. बच्ची को उसने गले से दबोचा, जिसकी वजह से उसकी आवाज तक नहीं निकली. वह लड़की के हाथ और पैर खा गया.  

दो मिनट बाद ही फिर आया था भेड़िया

इतना ही नहीं बच्ची को ले जाने के ठीक दो मिनट बाद भेड़िया एक बार फिर आया. मीनू ने बताया कि तब तक गांव के लोग इकट्ठे हो गए थे तो उन्होंने उस भेड़िये को तुरंत भगा दिया. इतना ही नहीं प्रशासन दावा कर रहा है कि यहां सिर्फ दो भेड़िये और बचे हुए हैं क्योंकि चार को पकड़ा जा चुका है, लेकिन मीनू ने बताया कि बीती रात ही तीन भेड़िये थे. जिनमें से आगे वाला बच्ची का शरीर लेकर जा रहा था और बाकी के दोनों भेड़िये पीछे-पीछे चल रहे थे.  

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वहीं गांववालों ने बताया कि कल शाम 7 बजे करीब उन्होंने भेड़िये के घर के सामने तालाब के पास देखा था. वन विभाग को बताया भी, लेकिन उन्होंने कहा कि पहले भेड़िये का वीडियो भेजो फिर आएंगे. बच्ची के घर के अलावा आस-पास 300 मीटर के दायरे में कुल 3 घरों को भेड़ियों ने रविवार को टारगेट किया, जहां भेड़ियों के पैरों के निशान भी देखे गए. 

भेड़ियों को पकड़ने में जुटीं वन विभाग की 25 टीमें 

भेड़ियों का खौफ बहराइच जिले के 35 से ज्यादा गांवों में है. आदमखोरों के हमले में कई लोग घायल हो चुके हैं, जबकि 9 बच्चों समेत 10 लोगो की मौत हो चुकी है. बहराइच में इन आदमखोर भेड़ियों को पकड़ने के लिए 5 वन प्रभागों बहराइच, कतर्नियाघाट वाइल्ड लाइफ, श्रावस्ती, गोंडा और बाराबंकी की लगभग 25 टीमें लगी हुई हैं. इनमें से केवल महसी तहसील क्षेत्र में 12 टीमें लगाई गई हैं. इसके अलावा सुरक्षा के लिए दो कंपनी PAC जवानों के साथ पुलिस लगी हुई है. अब इन आदमखोरों ने अपना दायरा जिले के अन्य क्षेत्रों तक बढ़ा लिया है. महसी तहसील क्षेत्र में बीते छह महीने में भेड़िये के हमले की यह 7वीं घटना है. इसमें नौ बच्चों समेत एक महिला की मौत हुई है.  

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बहराइच की DM ने क्या बताया? 

बहराइच की डीएम मोनिका रानी ने बताया, "विशेष समस्या यह आ रही है कि ये घटनाएं एक गांव में न होकर अलग-अलग गांवों में हो रही हैं. वन विभाग और पुलिस की टीमें लगातार लोगों को जागरूक कर रही हैं. मैं यह अपील करना चाहती हूं कि कुछ दिनों के लिए लोग जागरूक रहें और घरों के अंदर ही सोएं. ये घटनाएं अलग-अलग माह की हैं. पिछले महीने यानी जुलाई से अब तक यह आठवीं घटना है. शासन इस मामले को लेकर बहुत संवेदनशील है और शासन द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है जिसमें सफलता भी मिली है. 4 भेड़िए पकड़े भी गए हैं."  

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सीएम योगी ने दिए अधिकारियों को निर्देश 

बहराइच में भेड़ियों के हमले को लेकर सीएम योगी ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा कि प्रदेश के कुछ क्षेत्रों में आदमखोर भेड़िये या तेंदुए द्वारा हमले किए जा रहे हैं, उन्हें हर हाल में नियंत्रित करने, पकड़ने का प्रयास किया जाए और आवश्यकता के अनुरूप कदम उठाए जाएं. पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुसार प्रशासन, पुलिस, वन विभाग, स्थानीय पंचायत, राजस्व विभाग क्षेत्र में व्यापक जन जागरूकता पैदा करें. लोगों को सुरक्षा के उपायों के बारे में भी बताएं. जनप्रतिनिधियों का भी इसमें सहयोग लिया जाए.  

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वन मंत्री को निर्देशित किया गया है कि वरिष्ठ अधिकारी जनपदों में कैंप करें. वन विभाग के अतिरिक्त कार्मिकों को बहराइच, सीतापुर, लखीमपुर, पीलीभीत, बिजनौर और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में लगाएं. वहां समस्त विभागों की ज्वाइंट पेट्रोलिंग बढ़ाएं. ग्रामीण क्षेत्रों में जहां लाइट की समस्या हो, वहां पेट्रोमैक्स की व्यवस्था भी करें.

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