
UP News: बाराबंकी जिले के बदोसराय थाना क्षेत्र के खोर गांव में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है. यहां एक युवक ने आत्महत्या कर ली. इससे पहले उसने फेसबुक पर एक सुसाइड नोट पोस्ट किया, जिसमें उसने अपने ससुरालीजनों पर उत्पीड़न के गंभीर आरोप लगाए हैं. पुलिस इस पूरे मामले की जांच पड़ताल में जुटी है.
जानकारी के अनुसार, यह मामला बाराबंकी के बदोसराय थाना क्षेत्र के खोर गांव का है. यहां रहने वाले सुधीर और कोमल बीते चार साल से प्रेम-प्रसंग में थे. दोनों ने कोर्ट मैरिज भी कर ली थी, लेकिन कोमल के परिवारवालों को यह रिश्ता मंजूर नहीं था. आरोप है कि कोमल के परिजन सुधीर पर मानसिक रूप से दबाव बना रहे थे. बार-बार कहने के बाद भी लड़की को भेजने के लिए उसके परिजन तैयार नहीं थे.
आत्महत्या करने से पहले सुधीर ने अपने फेसबुक पर 'हमारी अधूरी कहानी' शीर्षक से एक पोस्ट शेयर की. इस पोस्ट में उसने कोमल के साथ तस्वीरें और कोर्ट मैरिज का सर्टीफिकेट भी साझा किया. फेसबुक पोस्ट के बाद उसने गांव के बाहर एक आम के पेड़ से लटककर आत्महत्या कर ली.
सुधीर ने लिखा था कि वह चार साल से कोमल के साथ रिलेशनशिप में था. छह महीने पहले उसने कोर्ट मैरिज की थी. उसने आरोप लगाया कि कोमल का परिवार इस रिश्ते के खिलाफ था और उसे परेशान कर रहा था. बदोसराय थाना प्रभारी संतोष कुमार ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. सुधीर के परिवार ने शिकायत दर्ज कराई है और मामले की जांच की जा रही है.
इस मामले में सुधीर के पिता ने कहा कि हमारे लड़के को ये लोग लगातार परेशान कर रहे थे, पेपर पर साइन करने का दबाव बना रहे थे, लेकिन बेटा इसके लिए तैयार नहीं हुआ. उसे इतना परेशान किया कि उसने फांसी लगाकर जान दे दी. मृतक के भाई ने कहा कि हमारे भाई को बहुत तंग किया गया, इसलिए उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली.
(नोट:- अगर आपके या आपके किसी परिचित के मन में आता है खुदकुशी का ख्याल तो ये बेहद गंभीर मेडिकल एमरजेंसी है. तुरंत भारत सरकार की जीवनसाथी हेल्पलाइन 18002333330 पर संपर्क करें. आप टेलिमानस हेल्पलाइन नंबर 1800914416 पर भी कॉल कर सकते हैं. यहां आपकी पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाएगी और विशेषज्ञ आपको इस स्थिति से उबरने के लिए जरूरी परामर्श देंगे. याद रखिए जान है तो जहान है.)