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खोपड़ी कहीं, हाथ-पैर कहीं... Bareilly में 18 दिन से लापता लेखपाल का कंकाल नाले में मिला; परिजनों ने किया सनसनीखेज दावा

बरेली में 18 दिनों से लापता लेखपाल का कंकाल नाले से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. नाले के पास से ही लेखपाल के कपड़े बरामद हुए हैं, जिससे परिवार के लोगों ने कंकाल की पहचान की है. मौके पर इधर-उधर हड्डियां फैली हुई थीं.

मौके पर पहुंची बरेली पुलिस मौके पर पहुंची बरेली पुलिस
कृष्ण गोपाल राज
  • बरेली,
  • 16 दिसंबर 2024,
  • अपडेटेड 9:37 AM IST

उत्तर प्रदेश के बरेली में 18 दिनों से लापता लेखपाल का कंकाल नाले से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई. नाले के पास से ही लेखपाल के कपड़े बरामद हुए हैं, जिससे परिवार के लोगों ने कंकाल की पहचान की है. मौके पर इधर-उधर हड्डियां फैली हुई थीं. फिलहाल, पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. वहीं, दो अभी भी फरार हैं. 

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परिवार के लोग कई बार पुलिस और विभागीय अधिकारियों से शिकायत कर चुके थे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. अब लेखपाल का कंकाल मिलने के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है. वहीं, पुलिस मामला दर्ज कर जांच-पड़ताल में जुट गई है. 

27 नवंबर को पैमाइश पर गए, फिर वापस नहीं लौटे 

बताया जा रहा है 27 नवंबर को लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप जमीन की पैमाइश के लिए गए थे, लेकिन उसके बाद वापस घर नहीं लौटे. परिवार के लोगों ने कई बार पुलिस में शिकायत भी की, अधिकारियों से भी कहा, मगर लेखपाल का कुछ पता नहीं चला. आखिर में अब नाले से लेखपाल का कंकाल बरामद हुआ है. 

जमीन को लेकर चल रहा था विवाद 

मृतक लेखपाल के परिजनों का आरोप है कि बरेली में कटरी स्थित 250 बीघा जमीन को लेकर विवाद चल रहा था. इसी को लेकर लेखपाल की हत्या की गई है, क्योंकि वह उस जमीन की जांच कर रहे थे और रिपोर्ट शासन को भेजने वाले थे. दावा किया गया कि करोड़ों की जमीन के लिए लेखपाल को रास्ते से हटाया गया है. 

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वहीं, मीडिया से बातचीत करते हुए पुलिस के क्षेत्राधिकारी आशुतोष शिवम ने बताया कि इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए आरोपी ने बताया कि उसका लेखपाल के साथ उठना-बैठना था. घटना वाले दिन कहासुनी हो गई थी जिसके बाद गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई. 

पुलिस का कहना है कि आरोपियों का उद्देश्य लेखपाल का अपहरण करके परिजनों से रकम वसूलना था. इसलिए उन्होंने लेखपाल को बुलाया और सबने साथ में बैठ कर शराब पी. लेकिन नशे में कहासुनी के बाद फिरौती वसूलने से पहले ही गला दबा कर उसकी हत्या कर दी. जमीन विवाद का एंगल नहीं है. 

जमीन की घोटाले की कर रहे थे जांच 

मृतक के परिवार वालों ने आरोप लगाया है कि लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप 250 बीघा जमीन की घोटाला की जांच कर रहे थे और जांच रिपोर्ट जल्द ही शासन को भेजने वाले थे, लेकिन इसी बीच तहसील परिसर से उनका अपहरण कर लिया गया और फिर हत्या कर दी गई. परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि कई बार अधिकारियों से गुहार भी लगाई, शिकायत भी की लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई. 

परिवार के लोग लगातार आरोप लगा रहे हैं कि गांव के प्रधान समेत कुछ लोग हैं जो लेखपाल की हत्या करना चाहते थे. उन्हीं लोगों ने लेखपाल का कत्ल किया है, क्योंकि वो एक जमीन घोटाले की जांच कर रहे थे और जांच की रिपोर्ट ऊपर तक भेजने वाले थे. फिलहाल, जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा है कि मामले की जांच कराई जा रही है, जांच के बाद उचित कार्रवाई की जाएगी. 

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मौके पर पहुंची कई थानों की फोर्स 

गौरतलब हो कि नाले के पास कंकाल मिलने की सूचना पर भारी फोर्स मौके पर पहुंच गई. कैंट थाना क्षेत्र में एसओजी टीम ने बुखारा रोड के पास नाले से कंकाल बरामद किया. बताया जा रहा है कि खोपड़ी और हड्डियां इधर-उधर फैली हुई थीं. पास में ही पड़े कपड़ों से लेखपाल मनीष चंद्र कश्यप की पहचान हुई. लेखपाल के कंकाल के बारे में जानकारी मिलने पर एसडीएम, सीओ और इंस्पेक्टर, कैंट, फरीदपुर थाना पुलिस घटनास्थल पहुंची. इस पूरे इलाके की वीडियोग्राफी भी कराई गई. फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया गया. 

अंदाजा लगाया जा रहा है कि कहीं और स्थान से लाकर लेखपाल के कंकाल को यहां फेंका गया है. हालांकि, पूरे घटनाक्रम पर पुलिस अधिकारियों ने मीडिया से दूरी बनाकर रखी है. किसी भी प्रकार का भी कोई बयान नहीं दिया गया है. फिलहाल, फोन पर फरीदपुर सीओ आशुतोष शिवम ने बताया कि चार लोग हत्या में शामिल थे. दो को गिरफ्तार कर लिया गया है और दो की तलाश जारी है. 

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